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खाने -पीने की चीजों की महंगाई काबू में आई, भारत की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर- खाद्य सेक्रेटरी सुधांशु पांडे

सरकार की तरफ से लोगों को अनाज की कमी नहीं होने दी गई है। सरकार की नजर हालात पर बनी हुई है। सरकार जरुरत के हिसाब से हालात को देखते हुए कदम उठाने के लिए तैयार है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 04, 2022 पर 12:57 PM
खाने -पीने की चीजों की महंगाई काबू में आई, भारत की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर- खाद्य सेक्रेटरी सुधांशु पांडे
सुंधाशु पांडे ने इस बातचीत में आगे कहा कि देश में खाने -पीने के चीजों की महंगाई काबू में है। दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले भारत की स्थिति बेहतर है।

चाहे बात किसानों की आय बढ़ाने की हो या फिर महंगाई पर लगातार जारी सर्जिकल स्ट्राइक्स की, सरकार हमें हर मोर्चे पर खड़ी दिखती है। इंटरनेशनल मार्केट में तो खाने के तेल के दाम कम हुए है लेकिन इसका फायदा आपको भी मिला है। अभी ऐसा नहीं कहा जा सकता। हालांकि सरकार ने इसके लिए पहले भी बैठक कर कंपनियों को कीमतें घटाने का आदेश दिया। आज भी इसी पर एक और बैठक होने वाली है। आज इसी मुद्दे पर हमारे साथ बात करने के लिए फूड सेक्रेटरी सुधांश पांडे सीएनबीसी-आवाज के साथ मौजूद है।

इस मुद्दे पर बात करते हुए फूड सेक्रेटरी सुधांश पांडे ने सीएनबीसी -आवाज से कहा कि सरकार इस बात की कोशिश कर रही है कि किसानों की गन्ने की सही कीमत मिले। इसको ध्यान में रखते हुए CACP के सुझाव के मुताबिक FRP बढ़ाई गई हैं। अब अगर 9.5% रिकवरी होगी तब भी किसानों को मिनिमम पेंमेंट मिलेगा। 9.5% रिकवरी होने पर 282 रुपये प्रति क्विंटल के आधार पर भुगतान मिलेगा। जबकि रिकवरी निर्धारित मानक के होने पर नए FRP के मुताबिक 305 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार खेती में नए सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेती में नई सिंचाई तकनीक को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा बेहतर कटाई और बेहतर बुआई को बढ़ावा देने के लिए सरकार का फोकस बना रहेगा। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि MSP एक फ्लोर प्राइज होता है। MSP से ऊपर चीनी बेचने पर कोई रोक नहीं है। MSP से मिलों को कोई परेशानी नहीं होती। चीनी मिल्स FRP से ऊपर ही गन्ने खरीदते हैं।

खाद्यानों की कीमतों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस साल गेहूं की सरकारी खरीद कम हुई है।अनाज की सरकारी खरीद पिछले साल के मुकाबले घटा है। सरकार के पास अनाज का पर्याप्त स्टॉक हैं। सरकार के पास गेहूं का 265 लाख टन और चावल का 280 लाख टन स्टॉक मौजूद है। इस तरह हमारे पास 545 लाख टन अनाज मौजूद है ।

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