Gold Price: ग्लोबल फैक्टर ने बढ़ाई सोने की चमक, क्या जल्द ₹87,000 के पार होंगे भाव, जानें एक्सपर्ट्स की राय

इंटरनेशनल मार्केट में सोने की चमक लगातार बढ़ती जा रही है। देश में भी दाम रिकॉर्ड हाई के करीब कारोबार कर रहे हैं। दरअसल अमेरिका में जबसे डॉनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की कमान संभाली है। तब सोने में लगातार तेजी देखने को मिल रही है।

अपडेटेड Feb 25, 2025 पर 12:47 PM
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इंटरनेशनल मार्केट में सोने में तेजी जारी है। सोना कल रिकॉर्ड $2,973.74 तक पहुंचा। जबकि MCX पर भी भाव रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंचा है।

इंटरनेशनल मार्केट में सोने की चमक लगातार बढ़ती जा रही है। देश में भी दाम रिकॉर्ड हाई के करीब कारोबार कर रहे हैं। दरअसल अमेरिका में जबसे डॉनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की कमान संभाली है। तब सोने में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। COMEX पर कीमतों में लगातार दूसरे महीने तेजी देखने को मिली है। वहीं फरवरी में भी दाम अब तक 5% तक चढ़ चुके हैं।

इंटरनेशनल मार्केट में सोने में तेजी जारी है। सोना कल रिकॉर्ड $2,973.74 तक पहुंचा। जबकि MCX पर भी भाव रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंचा है। सोने का अप्रैल वायदा कल 86515 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा था। 19 फरवरी को सोने ने 86,592 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रिकॉर्ड बनाया था।

बता दें कि आज भी सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब नजर आ रही है। कीमतों में लागातर दूसरे महीने तेजी जारी है। फरवरी में अब तक सोने के दाम करीब 5% चढ़े है।


अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से सोने को सपोर्ट मिला है। दरसअल, डॉनल्ड ट्रंप की टैरिफ टेंशन वापस लौटी। डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि कनाडा, मैक्सिको पर टैरिफ लगेगा। दोनों देशों से इंपोर्ट पर टैरिफ लगेगा। 4 मार्च तक दोनों देशों के टैरिफ रोक लगी थी। इस बीच अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि टैरिफ की दर अभी तक तय नहीं है। अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगना तय है।

इस बीच डॉलर में गिरावट से भी सोने की कीमतों को सपोर्ट मिला है। डॉलर इंडेक्स 107 के स्तर के नीचे कायम है।

कामाख्या ज्वेलर्स के मनोज झा का कहना है कि सोने में सेंट्रल बैंकों की खरीदारी बढ़ी है। कीमतों में तेजी से सोने की रिटेल खरीदारी घटी है। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से मांग में गिरावट आई है। गोल्ड मेटल लोन लेने वाले ज्वेलर्स के लिए स्थिति ठीक नहीं है। सोने पर ब्याज की दर बढ़कर 8-9% हुई, जो पहले औसतन 4% रहती थी। दरों में तेजी से ज्वेलर्स हेजिंग नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कीमतों मे स्थिरता पर मांग दोबार से बढ़ने की उम्मीद है। ट्रंप की नीतियों पर बाजार की नजर बनी हुई है।

मोतीलाल ओसवाल के किशोर नार्ने का कहना है कि ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता सोने को सपोर्ट कर रही है। वहीं डॉलर की कीमतों में स्थिरता भी सोने को सपोर्ट कर रही है। इन्वेस्टर्स और फंड डिमांड के चलते भी सोने की चमक बढ़ी है। ऊपरी स्तर से बिकवाली के बावजूद सोने में गिरावट नजर नहीं आ रही है। ये एक दायरे में कामकाज कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सोना 3000 डॉलर के स्तर को पार कर उस लेवल पर सेंटल होता है इसमें आसानी से 3200 डॉलर प्रति औंस के स्तर देखने को मिल सकते है।

 

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