Gold Price: 20 मई 2025 को भारत में सोने की कीमत में गिरावट आई है। COMEX पर सोना 0.47 फीसदी सस्ता होकर 3218.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने, व्यापार युद्ध की आशंकाओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से जल्द ही ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने की वजह से हाल के दिनों में सोने की कीमतों में उतार- चढ़ाव देखने को मिला है। वहीं 2025-26 के लिए सोना इंपोर्ट का कोटा तय हुआ। भारत सरकार UAE से 180 टन सोने के आयात करेगी।
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की, जिसके बाद युद्ध विराम की आशंकाएं बढ़ गई जिसके बाद से बाजार से हमने सेफ हेवन बाईंग निकलते हुए देखा। वहीं डॉलर में भी रिकवरी देखने को मिल रही है। डॉलर में मजबूती सोने को नीचे धकेल रही है।
UAE से सोना इंपोर्ट का कोटा तय
2025-26 के लिए सोना इंपोर्ट का कोटा तय हुआ। भारत सरकार UAE से 180 टन सोने के आयात करेगी। CEPA समझौते के तहत रियायती शुल्क पर कोटा तय हुआ है। DGFT को कोटे से 15 गुना ज्यादा आवेदन मिले। DGFT को 2,960 आवेदन मिले जिसमें 1,400 आवेदन खारिज किए। पिछले साल के मुकाबले आवदेन कि संख्या 253% ज्यादा रही। भारत हर साल UAE से 1% टैरिफ छूट पर 200 टन सोना आयात करता है। जून 2023 में 25 करोड़ के टर्नओवर की शर्त हटा दी गई थी। शर्त हटने की वजह से ज्यादा आवेदन हुआ।
गोल्ड इंपोर्ट पर डिस्काउंट बढ़ने की उम्मीद कम
कार्तिकेय बुलियन के डायरेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि UAE से सोने की आयात का कोटा पर्याप्त है। गोल्ड इंपोर्ट पर डिस्काउंट बढ़ने की उम्मीद कम है। उन्होंने आगे कहा कि अगर सोने के प्राइस करेट होते है, तो बाजार में गोल्ड की डिमांड रहेगी। लेकिन अगर सोना अपने मौजूदा भाव से ऊपर की तरफ छलांग लगाता है तो इंपोर्ट डेटा में कमी देखने को मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल चांदी की डिमांड बरकरार रह सकती है। 1 लाख से ऊपर जाने पर सिल्वर में डिमांड बढ़ सकती है।
सपोर्ट लेवल से नीचे फिसल सकता है सोना
MOFSL के डायरेक्टर किशोर नार्ने का कहना है कि 3200 डॉलर प्रति औंस पर गोल्ड के लिए सपोर्ट लेवल है। गोल्ड की कीमतें अपने सपोर्ट लेवल के नीचे भी फिसल सकता है। फिलहाल के लिए सोने में 92400-92300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के लिए शॉर्ट पोजिशन बनाई जा सकती है।
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