Gold Price: सोने की चमक पड़ी फीकी, वौलेटिलिटी की क्या हैं वजह, क्या आगे कीमतों में दिखेगा उछाल

सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिल रही है और यह अपने 3 हफ्ते के शिखर से नीचे फिसल गया है। कॉमेक्स पर सोने की कीमतें $3350 प्रति औंस के नीचे फिसल गई है।

अपडेटेड May 26, 2025 पर 2:28 PM
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रेसिप्रोकल टैरिफ पर 90 दिन की रोक 9 जुलाई तक लागू होगी। यह फैसला 1 जून से पहले ही आ गया, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत मिली और "सेफ हेवन" माने जाने वाले गोल्ड में थोड़ी बिकवाली देखने को मिली।

Gold Price Today: सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिल रही है और यह अपने 3 हफ्ते के शिखर से नीचे फिसल गया है। कॉमेक्स पर सोने की कीमतें $3350 प्रति औंस के नीचे फिसल गई है, जो पिछले सप्ताह से थोड़ी नीचे है। वहीं एमसीएक्स गोल्ड 96000 के पास कारोबार कर रहा है। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यूरोपीय यूनियन पर टैरिफ टालने के फैसले को माना जा रहा है। ट्रंप ने EU पर 50% टैरिफ लगाने की तारीख 9 जुलाई तक टाली है।

रेसिप्रोकल टैरिफ पर 90 दिन की रोक 9 जुलाई तक लागू होगी। यह फैसला 1 जून से पहले ही आ गया, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत मिली और "सेफ हेवन" माने जाने वाले गोल्ड में थोड़ी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी कर्ज संकट के चलते सोने की ओर निवेशकों का रुख अपनाया है।

डॉलर इंडेक्स में गिरावट का असर सोने पर देखने को मिल रहा है। 2023 के बाद से सबसे कमजोर स्थिति में डॉलर इंडेक्स है।


सोने में लौट सकती है तेजी?

हालांकि बाजार जानकारों का मानना है कि सोने में तेजी फिर लौट सकती है। क्योंकि डॉलर इंडेक्स 100 के नीचे फिसला है। अमेरिकी वित्तीय चिंताएं बरकरार है। निवेशकों की सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव बढ़ा है। ईरान- US समझौते में देरी, रूस ने यूक्रेन पर हमला तेज किया है। यह सभी संकेत सोने में तेजी लौटने की तरफ इशारा करते है।

इस बीच गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट बताती है कि जून में कई और इवेंट है जिनका असर गोल्ड की कीमतों पर दिखेगा। अभी भले ही सोने की कीमत थोड़ी नरम हो, लेकिन हालात ऐसे बन रहे हैं कि आगे चलकर सोने में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशक अगर लॉन्ग टर्म सोच रहे हैं तो बाजार की हलचल और वैश्विक घटनाओं पर नजर रखना जरूरी होगा।

मेटल्स फोकस के सीनियर कंसल्टेंट, हर्षल बरोट का कहना है कि यूएस के फिजिकल डेफिसिट को लेकर चिंताएं बनी हुई है। वहीं जियोपॉलिटिकल तनाव के चलते अनिश्चितता का माहौल सोने की चाल पर दिखाई दे रहा है। आनेवाले कुछ महीनों में सोने पर हमारा नजरिया तेजी का बना हुआ है। हालांकि शॉर्ट टर्म में इसमें वौलेटिलिटी बनी रहेगी। बाजार में अनिश्चितता के चलते सोने में "सेफ हेवन" में निवेश जारी रहेगी। गोल्ड में 3500 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर अहम लेवल है। अगर गोल्ड 3500 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार करता है तो इसमें 3800-4000 डॉलर प्रति औंस के स्तर दिखा सकता है।

 

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