Gold-Silver Price:ग्लोबल और घरेलू संकेत बदल रही है सोने-चांदी की चाल, एक्सपर्ट्स से जानें क्या ये निवेश का है सही समय

Gold-Silver Price:शुक्रवार 5 नवंबर को भारत में सोने और चांदी की कीमतों में सावधानी भरा उतार-चढ़ाव देखा गया, जो ग्लोबल और घरेलू संकेतों के बीच मार्केट के सुस्त माहौल को दिखाता है

अपडेटेड Dec 05, 2025 पर 1:53 PM
Story continues below Advertisement
अक्ष कंबोज के अनुसार, “ट्रेडर्स जल्दी रेट कट की उम्मीदों को कम कर रहे हैं, और इसलिए, माहौल अभी भी सुस्त है।

Gold-Silver Price:शुक्रवार 5 नवंबर को भारत में सोने और चांदी की कीमतों में सावधानी भरा उतार-चढ़ाव देखा गया, जो ग्लोबल और घरेलू संकेतों के बीच मार्केट के सुस्त माहौल को दिखाता है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹1.30 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा, जबकि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट वेरिएंट में कम उतार-चढ़ाव दिखा।

इस बीच चांदी ₹100 की मामूली गिरावट के साथ ₹1.90 लाख प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वाइस प्रेसिडेंट और एस्पेक्ट ग्लोबल वेंचर्स की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन अक्ष कंबोज के अनुसार, “ट्रेडर्स जल्दी रेट कट की उम्मीदों को कम कर रहे हैं, और इसलिए, माहौल अभी भी सुस्त है। मौजूदा लेवल पर कुछ चुनिंदा खरीदारी हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मोमेंटम सीमित बना हुआ है।”


उन्होंने कहा कि जब तक कोई बड़ा इकोनॉमिक डेटा मार्केट सेंटिमेंट नहीं बदलता सोना एक छोटी रेंज में ही रहेगा। जिस पर फंडामेंटल बदलावों के बजाय मुख्य रूप से शॉर्ट-टर्म संकेतों का असर होगा।

चांदी में मजबूत अपट्रेंड, इंडस्ट्रियल डिमांड फोकस में

अक्ष कंबोज ने कहा कि “इंडस्ट्रियल डिमांड के सिग्नल नरम हो गए हैं, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग मोमेंटम हल्का बना हुआ है। हालांकि मौजूदा लेवल मौकापरस्त खरीदारों के लिए कुछ खरीदने का मौका दे सकता है, लेकिन बड़ी दिशा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग ट्रेंड्स और मैक्रो फ्लो पर निर्भर है।”

कैसे है ग्लोबल संकेत और टेक्निकल लेवल

मेहता इक्विटीज में कमोडिटीज के वाइस प्रेसिडेंट राहुल कलंत्री ने कहा, “कमजोर लेबर मार्केट इंडिकेटर्स, जिसमें ADP पेरोल में उम्मीद से ज़्यादा गिरावट और ज़्यादा लेऑफ शामिल हैं, उसने आने वाली FOMC मीटिंग में रेट कट की संभावना बढ़ा दी है, और मार्केट ऑड्स अब 87% के करीब हैं। मजबूत रुपये ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है,”

उन्होंने आगे कहा कि सोने को ₹1.28 लाख–1.29 लाख प्रति 10 ग्राम पर सपोर्ट और ₹1.30 लाख–1.31 लाख प्रति 10 ग्राम पर रेजिस्टेंस है। चांदी को ₹1.75 लाख–1.76 लाख प्रति किलोग्राम पर सपोर्ट और ₹1.79 लाख–1.80 लाख प्रति किलोग्राम पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।

कामाख्या जेवलर्स के मनोज झा ने कहा कि सभी एसेट क्लास की तुलना में गोल्ड ने बहुत अच्छा रिटर्न दिया। लगातार दूसरे साल कीमतों में तेजी आई। ज्वेलरी की मांग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि डायमंड ज्वेलरी के लिए 14-18 कैरेट की मांग ज्यादा है। सोने की कीमतों में तेजी के बाद भी 22 कैरेट के गहनों की मांग ज्यादा है। शादियों की खरीदारी पिछले साल से 30 फीसदी गिरे है। 50-60 फीसदी लोग एक्सचेंज गोल्ड खरीद रहे है।

सोने की कीमतों में यहां से बहुत ज्यादा तेजी की उम्मीद अब नजर नहीं आ रही है। अगर सोने में तेजी आई तो मौजूदा स्तर से 2026 में 10-11 फीसदी से ज्यादा की तेजी नहीं दिखती।

Commodity call : गोल्ड का भाव ऑलटाइम हाई के करीब, एक्सपर्ट से जानिए कमोडिटी में आज कहां होगी कमाई

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।