सोना 3 महीनों की ऊंचाई से फिसला है। COMEX पर सोना $2800 के नीचे फिसला है। वहीं एमसीएक्स पर सोने का भाव 80000 के नीचे कायम है। इस बीच चांदी में भी दबाव देखने को मिल रहा है। चांदी का भाव 2 हफ्तों के निचले स्तरों पर फिसला है। COMEX पर चांदी $31 के नीचे फिसले है। MCX पर भाव `90500 के नीचे कायम है।
क्यों उड़ा सोने-चांदी का रंग?
29 जनवरी को US फेड ब्याज दरों पर फैसला लेगा। बाजार को US में दरों में कटौती की उम्मीद कम है। जिसका असर सोने-चांदी की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। इस बीच डॉलर में मजबूती से भी सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। वहीं चीन के कमजोर आंकड़ों ने भी दबाव बनाया है।
कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह का कहना है कि बाजार में ट्रंप के फैसले को लेकर अनिश्चचितता बनी है। अमेरिका कई देशों , मेटल्स पर टैरिफ लगा सकता है। गोल्ड के लिए 2024 पूरा वोलेटाइल साल रहा था। डॉलर में मजबूती से सोने में गिरावट रहेगी। सोने में आगे गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि बजट में सरकार बूस्टर देने के लिए क्या करती है यह देखना अहम है। अगर सरकार ड्यूटी में कटौती करती है तो सोने के लिए फायदेमंद होगा। ड्यूटी घटने से ऑर्गनाइज ट्रेड बढ़ गया है।
कॉलिन शाह ने आगे कहा कि बाजार में ट्रंप के फैसले को लेकर अनिश्चचितता बनी है। बाजार को इस समय बजट से बहुत उम्मीद हैं। हालांकि इंडस्ट्रीज को बजट में सोने की इंपोर्ट ड्यूटी और कम हगोने की उम्मीद कम है। ड्यूटी बढ़ती है तो इंडस्ट्रीज के लिए बुरा होगा। ड्यूटी बढ़ती है तो गैरकानूनी तरीके से सोने का इंपोर्ट बढ़ेगा। बाजार की नजर डोनल्ड ट्रंप, फेड के फैसले पर बनी हुई है।
MOFSL के किशोर नाने का कहना है कि गोल्ड में करेक्शन की संभावना थी। रिकॉर्ड स्तर से सोने में बिकवाली का दबाव हावी हुआ है। सोने में 80000 के आसपास बिकवाली करने की सलाह होगी। इंट्राडे में 79500 रुपये के आसपास का स्तर देखने को मिल सकता है।
आम्रपाली गुजरात के सीईओ चिराग ठक्कर का कहना है कि चांदी की कीमतों में थोड़ी गिरावट दिख रही है। देश मे अब भी चांदी की मांग अच्छी बनी हुई है। अमेरिका में दरें घटने से पहले तेजी की उम्मीद कम है। हालांकि चांदी में 94000-95000 रुपये का टारगेट दिखाई देता है।
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