Gold-Silver Price Today: हाल ही में आई तेज़ी के बाद मंगलवार 24 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। दरअसल, मज़बूत US डॉलर ने बुलियन पर दबाव डाला, जबकि निवेशक टैरिफ की अनिश्चितता और वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव पर नज़र रखे हुए है।
0125 GMT तक स्पॉट गोल्ड 1.5% गिरकर $5,150 प्रति औंस पर आ गया, जो सेशन में पहले छुए गए 3 हफ़्ते से ज़्यादा के हाई से नीचे था। अप्रैल डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 1.1% गिरकर $5,171 प्रति औंस पर आ गया।
इस बीच चांदी में भी गिरावट दिखी। सोमवार (23 फरवरी) को दो हफ़्ते से ज़्यादा के हाई पर पहुंचने के बाद स्पॉट कीमतें 3.1% गिरकर $85.50 प्रति औंस पर आ गई।
सोने -चांदी में यह गिरावट तब आई जब डॉलर मज़बूत हुआ, जिससे दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए ग्रीनबैक वाली कमोडिटीज़ महंगी हो गई और डिमांड कम हो गई। US करेंसी में इस उछाल ने लगातार ट्रेड और जियोपॉलिटिकल रिस्क से बुलियन को मिल रहे सपोर्ट को कम कर दिया।
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को देशों को चेतावनी दी कि वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके इमरजेंसी टैरिफ को रद्द करने के बाद हाल ही में हुई ट्रेड डील से पीछे न हटें। उन्होंने कहा कि अगर देश अपना रास्ता बदलते हैं तो वॉशिंगटन दूसरे ट्रेड कानूनों के तहत ज़्यादा ड्यूटी लगा सकता है, जिससे ग्लोबल ट्रेड फ्लो में अनिश्चितता की एक और परत जुड़ जाएगी।
उसी समय, US स्टेट डिपार्टमेंट ने ईरान के साथ मिलिट्री लड़ाई के रिस्क की चिंताओं के बीच बेरूत में अपनी एम्बेसी से गैर-ज़रूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस बुलाना शुरू कर दिया, जिससे बैकग्राउंड में सेफ-हेवन डिमांड बढ़ गई।
मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदें भी फोकस में रहीं। फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने कहा कि अगर आने वाले लेबर मार्केट डेटा से हालात बेहतर होने का पता चलता है तो वह मार्च की मीटिंग में इंटरेस्ट रेट को स्थिर रखने के लिए तैयार रहेंगे। CME के फेडवॉच टूल के मुताबिक, मार्केट इस साल तीन 25-बेसिस-पॉइंट रेट कट की उम्मीद कर रहे हैं, हालांकि जल्द ही रेट में नरमी की उम्मीदें कम हो गई हैं।
इस गिरावट के पीछे क्या वजह बताते है जानकार
कोटक म्यूचुअल फंड में ETF के फंड मैनेजर सतीश डोंडापति ने कहा कि सोने की हालिया मजबूती पॉलिसी से जुड़ी अनिश्चितता और सेफ-हेवन फ्लो की वजह से हुई है, लेकिन डॉलर और रियल यील्ड में उतार-चढ़ाव से शॉर्ट-टर्म प्राइस एक्शन तय होता रहेगा। उन्होंने कहा कि मजबूत महंगाई के डेटा और रेट-कट की बदलती उम्मीदों से बुलियन में उतार-चढ़ाव रह सकता है।
चॉइस वेल्थ के CEO निकुंज सराफ ने कहा कि सोने की तेजी टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता और पहले देखी गई डॉलर की कमजोरी को दिखाती है, लेकिन यह बनी रहेगी और यह इस बात पर निर्भर करेगी कि ट्रेड पॉलिसी कैसे बदलती है और रियल यील्ड किस तरफ जाती है। उन्होंने इन्वेस्टर्स को सलाह दी कि वे सोने को एक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में एक हेज के तौर पर देखें और एकमुश्त निवेश के बजाय अलग-अलग हिस्सों में निवेश करना पसंद करें।
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