Akshaya Tritiya 2024: 10 मई को अक्षय तृतीया सेलिब्रेट की जा रही है। अक्षय तृतीया के दिन कोई भी नया काम करना, निवेश करना, खरीदारी करना शुभ माना जाता है, खासकर सोने की खरीदारी। यही वजह है कि अक्षय तृतीया पर सराफा बाजार में काफी रौनक होती है। केडिया एडवायजरी के मुताबिक, साल 2012 की अक्षय तृतीया (24 अप्रैल) को MCX पर सोने की कीमत 29030 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 6 मई 2024 को कीमत 71369 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। इस तरह 2012 की अक्षय तृतीया से लेकर अब तक सोने की कीमत में करीब 146 प्रतिशत की तेजी आई है।
सोने के रिटर्न की बात करें तो Kedia Advisory के फाउंडर और डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि एक स्थिर और आकर्षक निवेश विकल्प के रूप में सोने का आकर्षण वित्तीय दुनिया में लगातार बना हुआ है। हाल के वर्षों में इसके प्रदर्शन ने इस प्रतिष्ठा को बढ़ाया है। 2022 और 2023 में, सोने के निवेशकों को डबल डिजिट के रिटर्न का लाभ मिला। अकेले साल 2023 में 18% का रिटर्न मिला। यह ट्रेंड भू-राजनीतिक तनाव, बाजार की अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितताओं जैसे कई कारकों से प्रेरित है।
2024 में क्या रह सकता है ट्रेंड
2024 में भी सोने की कीमत बढ़ने का अनुमान है। मौद्रिक नीति में उलटफेर, केंद्रीय बैंकों की ओर से खरीदारी, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित विकल्प होने की भावना, वे अहम फैक्टर हैं जो सराफा की कीमतों में इजाफा करेंगे। इसके अलावा 2024 में भारत, अमेरिका, कुछ यूरोपीय राज्यों और ताइवान सहित कम से कम 64 देशों में चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने कहा है कि इस पूरे साल पोर्टफोलियो के हेजिंग की जरूरत सामान्य से अधिक हो सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि सोने ने जो गति हासिल की है, उसके शॉर्ट टर्म में खत्म होने की संभावना नहीं है। वर्तमान मार्केट सिनेरियो, सोने की कीमत में वृद्धि जारी रखने के लिए एक मंच तैयार करता हुआ लग रहा है। अजय केडिया के मुताबिक, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने के शुद्ध खरीदार रहे हैं, जो अपने भंडार में विविधता लाने और अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। यह ट्रेंड आगे भी जारी रहने की संभावना है। इससे सोने की कीमतों को एक ठोस आधार मिलेगा। साथ ही भारत में शादी का सीजन और त्योहारी मांग भी सोने की कीमतों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बता दें कि दुनिया भर में केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीद साल 2023 में 1,037 टन रही। अगले साल तक सोने की कीमतों में तेजी की उम्मीद मजबूत बनी हुई है और डबल डिजिट में रिटर्न जारी रहने की संभावना है। एनालिस्ट्स का मानना है कि MCX पर सोने की घरेलू कीमतें 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकती हैं। लेकिन सोने में निवेश में जोखिम भी रहता है। इसलिए निवेशकों को सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले गहन शोध करें और अपने व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम लेने की क्षमता पर विचार करें।
केडिया एडवायजरी के मुताबिक, भारतीय बाजार में सोने में निवेश लगभग 68,000 रुपये के लेवल पर किया जा सकता है। अगले साल के लिए कम से कम 80,000 रुपये का कंजर्वेटिव टारगेट है। यह सोने के स्थायी मूल्य में विश्वास को दर्शाता है।
FY24 की पहली तिमाही में सोने की कीमत का प्रदर्शन
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की अप्रैल-जून 2024 के लिए रिपोर्ट में कहा गया कि सोने की वैश्विक मांग में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और कुल मांग 1,238 टन रही। सोने की डिमांड के मामले में यह 2016 के बाद से सबसे मजबूत पहली तिमाही है। यह वृद्धि मुख्य रूप से मजबूत ओवर-द-काउंटर बाजार निवेश और केंद्रीय बैंकों की ओर से लगातार खरीद से प्रेरित थी। ओटीसी लेनदेन को छोड़कर, बार और सिक्के की मांग में भी 3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2024 की पहली तिमाही में कुल मांग 5 प्रतिशत घटकर 1,102 टन रह गई। 2023 में सोने में कुल वार्षिक निवेश घटकर 10 साल के निचले स्तर 945 टन पर आ गया। इसके अलावा जून 2024 तिमाही में गोल्ड ईटीएफ होल्डिंग्स में 114 टन की वैश्विक कमी देखी गई।