Gold Price: सोने की कीमतों ने बनाया नया रिकॉर्ड, क्या आपको अभी भी इसमें करना चाहिए निवेश?
Gold Price: सोने का दाम शुक्रवार 13 जनवरी को अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम सोने का भाव आज 56,245 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। अब बड़ा सवाल यह बनता है कि रिकॉर्ड स्तर पर दाम पहुंचने के बावजूद क्या आपको अभी भी सोने में निवेश करना चाहिए?
गोल्ड ETF ने पिछले तीन महीने में 9.75 फीसदी का रिटर्न दिया है
Gold Prices: सोने का दाम शुक्रवार 13 जनवरी को अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम सोने का भाव आज 56,245 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की वैल्यू पिछले 3 महीनों में मोटे तौर पर स्थिर रही है। हालांकि पिछले 1 साल की अवधि में रुपये में आई गिरावट ने भी सोने की कीमतों को बढ़ाने में योगदान में दिया। अब बड़ा सवाल यह बनता है कि रिकॉर्ड स्तर पर दाम पहुंचने के बावजूद क्या आपको अभी भी सोने में निवेश करना चाहिए?
कोटक इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स (Kotak Investment Advisors) की सीईओ लक्ष्मी अय्यर का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की रफ्तार को धीमा किया जाना तय है। उन्होंने कहा, "इसकी वजह से डॉलर इंडेक्स में जबरदस्त कमजोरी आई है, जिसका मतलब है कि कमोडिटीज अच्छा प्रदर्शन करेंगी। कमोडिटीज में नए सिरे से भरोसा पैदा हुआ है।" अय्यर ने कहा कि कई केंद्रीय बैंक भी सोना खरीद रहे हैं।
विभिन्न एसेट्स क्लास के पिछले 3 महीनों के रिटर्न पर नजर डालें, तो सोना और चांदी विजेता नजर आएंगें क्योंकि इनकी कीमतें लगातार बढ़ रही है। गोल्ड ईटीएफ में जहां 9.75 फीसदी की तेजी है, वहीं सिल्वर ईटीएफ में औसतन 22.55 फीसदी की तेजी है। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) हाल के सालों में इन धातुओं में निवेश के लिए लोकप्रिय माध्यम के रूप में उभरे हैं।
हालांकि निवेशकों को सिर्फ इस आधार पर ही पैसा लगाने का फैसला नहीं करना चाहिए कि इसने हाल में अच्छा रिटर्न दिया है। आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स को साल 2023 में सोने और चांदी की कीमतों को लेकर क्या उम्मीद हैं-
साल 2022 में क्या हुआ था?
भविष्य की तरफ रुख करने से पहले, एक बार पीछे देखने से चीजों को बेहतर समझने में मदद मिल सकती है। साल 2022 निवेश के लिहाज से अस्थिरता का साल था। शेयर सहित जोखित वाली अधिकतर एसेट्स में पहली छमाही में गिरावट देखी गई। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण, और बाद में दुनिया के अधिकतर देशों के केंद्रीय बैंकों की तरफ से ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी ने जोखिम वाली एसेट्स को दबाव में बने रहने के लिए मजबूर किया।
क्वांटम म्युचुअल फंड (Quantum Mutual Fund) के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर, चिराग मेहता कहते हैं, "ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी के चलते निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालने को मजबूर हुए। इसके चलते सोने में भी बिकवाली देखने को मिली और एक समय इसका भाव गिरकर 18 महीने के सबसे निचले स्तर 1,614 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था।"
हालांकि 2022 की चौथी और आखिरी तिमाही में महंगाई का दबाव कम हुआ है, जिसके चलते निवेशकों को ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी रुकने का अनुमान है। इससे डॉलर पर दवाब आया है और सोने की कीमतों को वापस बढ़ने में मदद मिली। इसके अलावा साल 2022 में क्रिप्टो एसेट्स में भारी गिरावट ने भी कई निवेशकों को गोल्ड की ओर मोड़ा है।
साल 2022 की तीसरी तिमाही में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने 400 टन सोना खरीदा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, "यह लगातार आठवीं तिमाही है जब सोने की शुद्ध खरीदारी हुई है। इसके साथ ही इस साल सोने की कुल खरीदारी 673 टन पर पहुंच गई है, जो 1967 के बाद से किसी भी एक साल में हुई सबसे अधिक खरीदारी है।"
कुछ विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका ने भी निवेशकों को हाल के दिनों में सोने में निवेश के विकल्प पर विचार करने के लिए मजबूर किया है।
सोने की कीमतें साल 2022 खत्म होते समय 54,574 रुपये प्रति 10 ग्राम पर थी और पूरे साल में इसमें करीब 13.93 प्रतिशत की तेजी आई। वहीं चांदी कीमत 69,033 रुपये पर बंद हुई और यह इसमें साल 2022 में 11.76 प्रतिशत की तेजी आई।
आगे क्या उम्मीद करें?
पिछले कुछ सालों के अनुभव के मुताबिक, कीमती धातुओं की कीमतों में छोटी अवधि में तेज रैली आने के बाद कई लोग मुनाफावसूली करना चाहेंगे और बाद में निचले स्तर पर खरीदारी की उम्मीद करेंगे। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतों के ऊपर जाने का मौजूदा ट्रेंड लंबे समय तक बना रह सकता है।
आईथॉट एडवाइजरी (ithought Advisory) के चीफ एडवाइजर श्याम शेखर कहते हैं: “2021 में कई निवेशकों ने क्रिप्टो एसेट्स को निवेश का एक सुरक्षित विकल्प मानकर उसमें पैसे लगाए, जो उनकी एक बड़ी भूल थी। क्रिप्टो-एसेट्स में गिरावट के बाद अब उनके वापस सोने की ओर आने की उम्मीद है।"
उन्होंने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से भी गोल्ड की कीमतों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, "कुछ देश अमेरिकी डॉलर के दबदबे को तोड़ने के इच्छुक हैं और ऐसे में उनकी तरफ से सोने की खरीदारी में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।"
सोने की कीमतें कैसे बढ़ेंगी यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई को लेकर आगे क्या उपाय करता है।
यदि महंगाई इस स्तर पर रुक जाती है या इसमें थोड़ी नरमी आती है और फेडरल रिजर्व र्थव्यवस्था को गहरी मंदी में जाने से बचाने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी को रोकने का फैसला करता है, तो सोने की कीमतों में एक मजबूत उछाल देखा जा सकता है।
सैमको सिक्योरिटीज ( Samco Securities) में मार्केट पर्सपेक्टिव एंड रिसर्च की हेड, अपूर्व शेठ को मानना 2023 में सोने की कीमतों में तेजी आएगी और यह 65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू लेगी।
चांदी को सोना मत समझिए
चांदी में हालांकि कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। चांदी का इस्तेमाल कई उद्योगों में होता है। ऐसे में मंदी की स्थिति में इसकी कीमतों में दबाव दिख सकता है। हालांकि यह सोने की कीमतों के साथ अपनी चाल बिठाने की जरूर कोशिश करेगा।
अपूर्व कहते हैं, "चांदी की कीमतें लंबी अवधि के लिए कंसॉलिडेट हुई हैं और अगर डॉलर इंडेक्स नीचे जाता है, तो हमें चांदी की कीमतों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।" उन्हें उम्मीद है कि चांदी अगले 30 महीनों में 1 लाख रुपये के स्तर को छू सकती है। इस सफर में वे 75,000 रुपये प्रति किलो के भाव को एक रेजिस्टेंस के रूप में देखते हैं। कीमतें ऊपर जाने से पहले इस स्तर के आसपास कंसॉलिडेशन हो सकता है।
IIFL सिक्योरिटीज में करेंसी और कमोडिटी के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च), अनुज गुप्ता ने कहा साल 2023 में सोने की कीमत 58,000 रुपये से 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 75,000 रुपये से 80,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को छू सकता है।
उन्होंने कहा, "2023 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी रुकने, दुनिया के अधिकतर हिस्सों में मजबूत भौतिक मांग, और हाल ही में कोरोना संक्रमण के बाद चीन का सामान्य स्थिति में वापस आना कीमती धातु की कीमतों के लिए सकारात्मक हो सकता है।"
आपको क्या करना चाहिए?
कीमतों में तेजी का अनुमान आपको इन धातुओं में अपना निवेश बढ़ाने के बारे में सोचने पर मजबूर कर सकती है। लेकिन अगर आपने पहले अपने निवेश की करीब 10 फीसदी राशि गोल्ड में लगा रखा है, तो आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है। किसी भी एसेट क्लास में यह सोचकर हद से ज्यादा निवेश करने से बचें कि इसने हाल के दिनों में अच्छा प्रदर्शन किया है।
शेखर की सलाह है, "निवेशकों को म्यूचुअल फंड के जरिए सोने में करीब 10 फीसदी और चांदी में 5 फीसदी निवेश करना चाहिए।" सोने में लंबी अवधि के निवेशक सॉवरेन गोल्ड बांड (SGB) में निवेश पर भी विचार कर सकते हैं।
डिस्क्लेमरःयहां दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह, निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और रॉय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।