Paytm के शेयर अपने IPO-प्राइस से 75% टूटे, क्या नए निवेशकों के लिए खरीदारी का यह है सही समय?

पेटीएम (Paytm) के नाम से कारोबार करने वाली कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One97 Communications) के शेयर अपने आईपीओ प्राइस से अबतक करीब 75% नीचे आ गए हैं। क्या यह नए निवेशकों के लिए कंपनी में हिस्सेदारी खरीदना का अच्छा मौका बनता दिख रहा है?

अपडेटेड Jan 13, 2023 पर 5:55 PM
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कुछ इंस्टीट्यूशन ने हाल में Paytm के स्टॉक में दिलचस्पी दिखाई है

-एन महालक्ष्मी

पेटीएम (Paytm) के नाम से कारोबार करने वाली कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One97 Communications) के शेयर गुरुवार 12 जनवरी को 6 फीसदी से अधिक गिर गए। Paytm के शेयरों में यह गिरावट अलीबावा ग्रुप की ओर से कंपनी में अपनी आंशिक हिस्सेदारी बेचने के बाद आई। सितंबर तिमाही तक के आंकड़ों के मुताबिक, अलीबाबा.कॉम के पास पेटीएम की 6.26% हिस्सेदारी थी, जिसमें से उसने 3 फीसदी हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेची। इसके साथ ही Paytm के शेयर अपने आईपीओ प्राइस से अबतक करीब 75% नीचे आ गए हैं। क्या यह नए निवेशकों के लिए कंपनी में हिस्सेदारी खरीदना का अच्छा मौका बनता दिख रहा है?

स्टॉक को देखने का एक तरीका यह है कि इसके बिजनेस मॉडल को लेकर अभी भी यह स्पष्टता नहीं है कि यह कैसे आगे बढ़ेगा। क्रॉस-सेलिंग में भी कंपनी के पास अपनी प्रतिद्वंदी कंपनियों के मुकाबले कोई खास बढ़त नहीं है जो लंबी अवधि में कंपनी के बिजनेस को बढ़ाने में योगदान दे सकता है।


हालांकि जब आप स्टॉक का मूल्यांकन करते हैं तो इसे देखने का एक दूसरा तरीका वर्तमान पर ध्यान देने का है, न कि लंबी अवधि के बारे में सोचना। एक बार में एक कदम बढ़ाए और देखें कि शॉर्ट-टर्म में बिजनेस किस ओर जा रहा है।

अगली कुछ तिमाहियों में बाकी मार्केट की तुलना में पेटीएम के नीचे गिरने और ऊपर जाने की संभावना के बारे में सोचिए। अचानक तस्वीर थोड़ी बेहतर दिखनी लग सकती है।

संस्थागत सपोर्ट

विशुद्ध तकनीकी नजरिए से देखें, तो मेरे हिसाब से पेटीएम के शेयरों में IPO से जुड़ी अधिकतर बिकवाली पूरी हो चुकी है। यह जरूर है कि अलीबाबा अभी भी पेटीएम के बड़े शेयरधारकों में से एक बना हुआ है और गुरुवार की आशंकि हिस्सेदारी ने इस लेकर चिंताएं खड़ी की हैं वह आने वाले समय में और कितनी हिस्सेदारी बेच सकता है।

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हालांकि इसका दूसरा पहलू यह है कि कुछ इंस्टीट्यूशन ने हाल में इस स्टॉक में दिलचस्पी दिखाई है। इसलिए यह इसकी कीमतों को कुछ सपोर्ट देता है और जब तक कंपनी के फंडामेंटल में कोई कमजोरी नहीं आती है, तब तक आपको इसकी कीमतों में भारी उठापटक देखने को नहीं मिलने वाली है।

फंडामेंटल्स

आइए अब कंपनी के फंडामेंटल्स को एक नजर देखते हैं। Paytm ने बीते 9 जनवरी को बताया कि उसने दिसंबर में 3,665 करोड़ रुपये की वैल्यू के 37 लाख लोन बांटे हैं, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 330 प्रतिशत अधिक है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का कुल डिस्बर्समेंट 357 प्रतिशत बढ़कर 9,958 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी के प्लेटफॉर्म पर मंथली ट्रांजैक्शन करने वाले यूजर्स की संख्या 32 प्रतिशत बढ़कर 8.5 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले साल दिसंबर 6.5 करोड़ थी। इसकी ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV)सालाना आधार पर 38 प्रतिशत बढ़कर 3.64 लाख करोड़ रुपये हो गई।

पेटीएम ने दिसंबर तिमाही के दौरान 10 लाख पेमेंट डिवाइस जोड़े और इन पेमेंट डिवाइसों के लिए मेंबरशिप फीस देने वाले व्यापारियों की संख्या बढ़कर दिसंबर 2022 में 58 लाख पर पहुंच गई।

मर्चेंट-नेटवर्क

पेटीएम अपने प्लेटफॉर्म पर कस्टमर्स को जोड़ने के साथ मर्चेंट नेटवर्क को भी बढ़ा रही है। पिछले 2 सालों में पेटीएम के रेवेन्यू में उसके साउंडबॉक्स से होने वाली आमदनी की हिस्सेदारी बढ़ी है। यह साउंडबॉक्स लोगों को लोगों की मनपंसद भाषा में बोलकर पैसे मिलने की जानकारी देता है। इस साउंडबॉक्स के बदले में कंपनी व्यापारियों से एक मंथली सब्सक्रिप्शन फीस लेती है।

CLSA के एनालिस्ट्स के मुतबाकि, पेटीएम के कुल पेमेंट रेवेन्यू में इस सब्सक्रिप्शन फीस का हिस्सा बढ़कर ग्रॉस स्तर पर 14 फीसदी और नेट स्तर पर 38 फीसदी हो गया है। यह काफी अच्छा है। खासतौर से यह देखते हुए कि UPI पेमेंट से कंपनी को कोई लाभ नहीं मिलता है। लेकिन अब पेटीएम ने साउंडबॉक्स से जो कमाई का रास्त दिखाया है, उसमें जल्द ही फोनपे और अन्य भी अपनी पैठ बना सकते हैं।

लेंडिंग बिजनेस

पेटीएम के बिजनेस का दूसरा हिस्सा यानी लेंडिंग बिजनेस भी काफी अच्छी रफ्तार से बढ़ रहा है। पेटीएम की योजना अपने उन सभी ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड बेचना शुरू करना है, जो बाय-नाउ-पे-लेटर (BNPL) जैसी लोन स्कीमों का लाभ उठाते हैं। यह इसके रेवेन्यू ग्रोथ में एक अहम योगदान दे सकता है।

कुल मिलाकर, अगर पेटीएम मर्चेंट डिवाइसेस से अपने सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू को बढ़ाना जारी रखता है और क्रेडिट क्वालिटी को बनाए रखते हुए मौजूदा रफ्तार से अपनी लोन बुक भी बढ़ा सकता है, तो बहुत जल्द ही यह अगने सभी लागतों को कवर करने मुनाफे में आ सकता है।

रिस्क लेने की क्षमता

पेटीएम के शेयर आज जिस वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे है, वह उसने 5 साल पहले यानी 2016 में देखा था। कंपनी के पास अपने मार्केट कैप का करीब एक तिहाई हिस्सा कैश में है। सितंबर तिमाही के अंत में उसका कैश बुक 1.1 अरब डॉलर का था। इसमें शयेर बायबैक पर खर्च किया जाने वाला 12.7 करोड़ डॉलर शामिल नहीं है। पेटीएम के बोर्ड ने हाल ही में 810 रुपये के भाव पर शेयर बायबैक को मंजूरी दी और यह भी मनोवैज्ञानिक स्तर पर कुछ राहत देता है।

पेटीएम के शेयर एक ऐसे स्तर पर आ गए हैं जहां यह दिलचस्प लग रहा है, लेकिन कंपनी में निवेश करना अभी भी बहुत सारे अगर-मगर सवालों के साथ आता है। असल में यह इस बात पर निर्भर करता है कि एक निवेशक के रूप में आपका कैसा स्वभाव है और आप कितना जोखिम उठा सकते हैं।

डिस्क्लेमरः यहां दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह, निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और रॉय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

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