Gold prices in India : भारत में सोने की कीमतों में मामूली कमजोर रहीं, लेकिन वैश्विक स्तर पर मजबूती के बीच यह लगभग दो हफ्ते के हाई पर बना हुआ है। एमसीएक्स (MCX) पर, गोल्ड फ्यूचर्स 0.03 फीसदी की गिरावट के साथ 48,415 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है, वहीं चांदी 0.3 फीसदी की मजबूती के साथ 62,559 रुपये प्रति किग्रा के स्तर पर है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में इस सप्ताह जारी होने वाले यूएस इनफ्लेशन डाटा से पहले सोना 1,827.37 डॉलर के साथ लगभग दो सप्ताह के हाई पर है।
हालांकि यूएस ट्रेडरी यील्ड्स बढ़ने से बुलियन में तेजी सीमित हो गई। अन्य कीमती धातुओं की बात करें तो चांदी 0.4 फीसदी बढ़कर 23.27 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई और प्लेटिनम 0.2 फीसदी कमजोर होकर 1,030.08 डॉलर पर आ गई।
इनफ्लेशन की चिंता, रूस-यूक्रेन टेंशन से बढ़ रही डिमांड
माईगोल्डकार्ट के डायरेक्टर विदित गर्ग ने कहा, “10 साल के लिए यूएस बॉन्ड यील्ड्स के दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बावजूद सोना कल 1,829 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, क्योंकि इनफ्लेशन की चिंताओं और रूस-यूक्रेन टेंशन के चलते डिमांड बढ़ी हुई है। टेक्निकली इंट्राडे चार्ट पर सोने को 1,820 डॉलर और 1,814 डॉलर पर अहम सपोर्ट है, इसलिए इन स्तरों के नीचे जाने पर मंदड़िये हावी हो सकते हैं।”
उन्होंने कहा, “ऊपर की तरफ 1,837 डॉलर पर रेजिस्टैंस है, क्योंकि डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड्स बढ़ने से बढ़त सीमित रहेगी।”
मॉनिटरी सख्ती से सीमित रहेगी तेजी
कोटक सिक्योरिटीज के वीपी-हेड कमोडिटी रिसर्च रविंद्र राव ने कहा, “इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव, ईटीएफ इनफ्लो, जिओपॉलिटिकल टेंशन और इनफ्लेशन की चिंताओं के चलते सोने को सपोर्ट मिला है। हालांकि बॉन्ड यील्ड्स और यूएस डॉलर इंडेक्स में मजबूती से तेजी सीमित हुई है। मिलेजुले फैक्टर्स के चलते सोना 1,800 डॉलर प्रति औंस के आसपास एक रेंज में बना रह सकता है, हालांकि मॉनिटरी सख्ती के अनुमान से तेजी सीमित रहने का अनुमान है।”
सोने को आम तौर पर इनफ्लेशन के खिलाफ हेज के रूप में देखा जाता है, लेकिन इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी से नॉन यील्डिंग बुलियन को होल्ड करने की कॉस्ट बढ़ जाती है।
डाटा से पता चलता है कि दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड बैक्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट जीएलडी में मंगलवार को होल्डिंग 0.4 फीसदी बढ़ गई।