Gold and silver prices : वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट के बाद भारतीय बाजारों में भी मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी बढ़ गई। एमसीएक्स (MCX) पर गोल्ड फ्यूचर्स (gold futures) 0.4 फीसदी गिरावट के साथ 50,483 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया, वहीं सिल्वर फ्यूचर्स 0.43 फीसदी कमजोर होकर 60,049 रुपये प्रति किग्रा के स्तर पर आ गया। सोमवार को सोने में 2 फीसदी, जबकि चांदी में 2.6 फीसदी गिरावट रही थी।
वैश्विक बाजारों में चार हफ्ते के लो पर सोना
वैश्विक बाजारों में सोना चार हफ्ते के निचले स्तर 1,825 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। एनालिस्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर में मजबूती और दूसरी एसेट्स के घाटे को कवर करने के लिए बुलियन में बिकवाली से सोने पर दबाव बना हुआ है।
शॉर्ट टर्म यूएस इंटरेस्ट रेट्स और बॉन्ड यील्ड्स में उछाल से बुलियन की होल्डिंग कॉस्ट बढ़ गई है।
महंगाई के चलते बना हुआ है दबाव
एक्सिस सिक्योरिटीज के हेड- कमोडिटीज प्रीतम पटनायक ने कहा, बॉन्ड यील्ड्स और यूएस डॉलर में मजबूती के चलते सोने में सोमवार को 50 डॉलर से ज्यादा की गिरावट रही। पिछले हफ्ते आए महंगाई में बढ़ोतरी के नंबर के चलते पीली धातु पर दबाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि चीन में फिर से लॉकडाउन बढ़ने के कारण सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतें बनी रहने का अनुमान है। साथ ही महंगाई भी बनी रहेगी। माना जा रहा है कि फेड और ज्यादा सख्त रुख अपनाते हुए ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है। इसके चलते सोने की कीमतों में आगे दबाव बना रहेगा।
फेड का फैसला आने तक बना रहेगा दबाव
कोटक सिक्योरिटीज ने कहा, इस सप्ताह फेड का फैसला आने से पहले बाजार में अनिश्चितता बनी रह सकती है। मार्केट अभी इस बात पर स्पष्टता चाहता है कि क्या सेंट्रल बैंक की महंगाई को काबू में करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी और तेज करने की योजना है। बाजार की मौद्रिक सख्ती के आर्थिक गतिविधियों पर असर के आकलन के लिए आर्थिक विकास के अनुमानों पर भी नजर रहेगी।
एक एक्सपर्ट के मुताबिक, एक तरफ फेड की मौद्रिक सख्ती से बाजार में चिंता है तो वहीं चीन में बढ़ते कोरोना के मामलों से भी सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है।