Gold Smuggling: भारत सरकार के सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी (import duty on gold) 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी किए जाने से देश में पीली धातु की तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) यानी WGC ने यह अनुमान जाहिर करते हुए कहा कि इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने से महामारी से पहले की तुलना में भारत में वर्ष 2022 में सोने की तस्करी 33 फीसदी बढ़कर 160 टन तक पहुंच सकती है।
ड्यूटी में बढ़ोतरी, महंगाई के बावजूद बढ़ेगी खपत
WGC को इस साल सोने की खपत 800 टन रहने का अनुमान है जो 2021 के 797 टन से थोड़ी ज्यादा है। हालांकि, ड्यूटी में बढ़ोतरी, महंगाई और अनिश्चितता के बावजूद ऐसा होने जा रहा है।
वैश्विक गोल्ड इंडस्ट्री बॉडी ने एक अन्य नोट में कहा, दूसरी तिमाही में कमजोरी, पहली तिमाही में मजबूत ईटीएफ इनफ्लो के बावजूद सोने की वैश्विक मांग जून तिमाही में सालाना आधार पर आठ फीसदी घटकर 948.4 हो गई। वहीं पहली तिमाही के आंकड़ों को जोड़ लें तो साल की पहली छमाही में सालाना आधार पर सोने की मांग 12 फीसदी बढ़कर 2,189 टन रह गई।
2022 में जोखिम और अवसर दोनों
डब्ल्यूजीसी में वरिष्ठ विश्लेषक ऐमा लुईस स्ट्रीट ने कहा, ‘‘2022 की दूसरी छमाही में सोने को लेकर जोखिम और अवसर दोनों ही हैं। सुरक्षित निवेश के लिहाज से सोने की मांग बनी रहने का अनुमान है लेकिन और मौद्रिक सख्ती तथा डॉलर के और मजबूत होने की चुनौतियां भी बरकरार हैं।’’
गोल्ड ETF में 39 टन की कमी
रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी तिमाही में सोने की कीमतों में गिरावट के साथ गोल्ड ईटीएफ में 39 टन की कमी दर्ज की गई। पहली छमाही में कुल इनफ्लो 234 टन रहा, जबकि 2021 की पहली छमाही में यह 127 टन रहा था।
चीन की मंदी की भारत, मिडिल ईस्ट और तुर्की से हुई भरपाई के चलते 2021 की दूसरी तिमाही में बार और कॉइन इनवेस्टमेंट 245 टन के साथ अपरिवर्तित रहा।