आज कमोडिटी मार्केट पर हम गोल्ड एक्सचेंज के बारे में जानने की कोशिश करेंगे और देखेंगे कि गोल्ड एक्सचेंज क्या है और कैसे काम करेगा। साथ ही जानेंगे कि गोल्ड एक्सचेंज के जरिए निवेशकों को कैसे फायदा होगा।

आज कमोडिटी मार्केट पर हम गोल्ड एक्सचेंज के बारे में जानने की कोशिश करेंगे और देखेंगे कि गोल्ड एक्सचेंज क्या है और कैसे काम करेगा। साथ ही जानेंगे कि गोल्ड एक्सचेंज के जरिए निवेशकों को कैसे फायदा होगा।
आ रहा है गोल्ड एक्सचेंज
देश के पहले गोल्ड एक्सचेंज का खाका पेश किया गया है। सेबी ने गोल्ड एक्सचेंज के लिए खाका तैयार किया है। गोल्ड एक्सचेंज के जरिए लोगों को शुद्ध सोना मिलेगा। इसके तहत दुनिया में सोने का भाव तय करने में भारत की भूमिका मजबूत होगी।
खरीदें शुद्धा सोना
गोल्ड एक्सचेंज के जरिए शुद्ध सोने की खरीदारी और बिकवाली हो सकेगी। इसमें फिजिकल गोल्ड को जमा करने पर EGR यानी इलेक्ट्रोनिक गोल्ड रिसिप्ट मिलेगा। इस रिसिप्ट में सोने की मात्रा और शुद्धता दी जाएगी और यही रिसिप्ट एक्सचेंज पर ट्रेड होगी। निवेशकों को रिसिप्ट को जमा करके की डिलीवरी मिलेगी। गोल्ड एक्सचेंज में डिलीवरी फिजिकल सोने के रूप में होगी।
कैसे काम करेगा?
गोल्ड एक्सचेंज कैसे काम करेगा? इस पर नजर डालें तो हम आपको बता दें कि गोल्ड एक्सचेंज भी शेयर की तरह काम करेगा। ब्रोकर की मदद से निवेशक सोने की खरीद-बिक्री कर सकता है। खरीदने वाले को बताना होगा कि उसे कितना सोना चाहिए। गोल्ड खरीदने वाले को सोने की उसे कितना शुद्ध सोना चाहिए इस बात की जानकारी देनी होगी और बेचने वाले को सोने की मात्रा का जिक्र करना होगा। गोल्ड एक्सचेंज के जरिए बेचने वाले को बताना होगा कि सोना कितना शुद्ध है। गोल्ड एक्सचेंज के जरिए सोना खरीदने और बेचने वाले को EGR दी जाएगी। डिफॉल्ट करने पर सजा का भी प्रावधान है।
बनेंगे वॉल्ट मैनेजर्स
SEBI ने गोल्ड एक्सचेंज पर वॉल्ट मैनेजर्स बनने के नियम जारी किए है। 31 दिसंबर 2021 को SEBI ने नियम जारी किए है। बता दें कि SEBI ने पिछले साल गोल्ड एक्सचेंज बनाने की मंजूरी दी थी। कमोडिटी मार्केट के जानकारों का कहना है कि इससे सोने के हाजिर भाव में ज्यादा पारदर्शिता आने की उम्मीद है। EGR को सिक्योरिटीज की तरह नोटिफाई किए जाएगा और शेयरों की तरह ही EGR की ट्रेडिंग, क्लीयरिंग, सेटलमेंट होगा। उसके बाद सोना निवेशक के डीमैट अकाउंट मे दिखेगा। इससे देश में गोल्ड के नए इकोसिस्टम के बनने की उम्मीद है।
SEBI ने क्या कहा?
गोल्ड एक्सचेंज पर सेबी ने कहा है कि वॉल्ट मैनेजर्स को इंटरमीडियरीज के तौर पर रजिस्टर्ड, रेगुलेट होगा। वॉल्ट मैनेजर्स गोल्ड डिपॉजिट के लिए वॉल्टिंग सर्विस मुहैया कराएंगे। वॉल्ट मैनेजर्स की इसी सर्सिव से EGR बनाया जा सकेगा। वॉल्ट मैनेजर बनने के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जरूरी होगा। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पाने के लिए आवेदन करना होगा। सिर्फ देश में रजिस्टर्ड संस्था ही वॉल्ट मैनेजर के लिए आवेदन कर सकती है।
वॉल्ट मैनेजर की जिम्मेदारियां
डिपॉजिट को स्वीकार करना, गोल्ड को स्टोर करना, गोल्ड को सुरक्षित रखना, EGR को बनाना, EGR विड्रा करना, शिकायतों का निपटारा करना, डिपॉजिटरी के रिकॉर्ड रखना और रिकॉर्ड का मिलान फिजिकल गोल्ड से करना यह वॉल्ट मैनेजर की जिम्मेदारियां होगी।
IIBX से होगा गोल्ड इंपोर्ट
इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज के गोल्ड इंपोर्ट जरिए होगा। सरकार ने IIBX के जरिए गोल्ड इंपोर्ट को मंजूरी दी है। RBI से नोटिफाइड एजेंसियां गोल्ड इंपोर्ट कर सकेंगी। साथ ही DGFT से नोटिफाइड एजेंसियां भी गोल्ड इंपोर्ट कर सकेंगी। IFSCA से नोटिफाइड ज्वैलर्स भी कर गोल्ड इंपोर्टसकेंगे।
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