नवंबर में रूस से भारत का कच्चे तेल का इंपोर्ट गिरकर जून 2022 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। एक यूरोपीय थिंक टैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि क्रेमलिन अभी भी भारत के लिए ऑयल का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हुए हमले के बाद भारत, रूस के कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था। भारत में तेल के कुल इंपोर्ट में रूस की हिस्सेदारी 1 पर्सेंट भी कम थी, जो अब बढ़कर तकरीबन 40 पर्सेंट हो गई है।
