आज हुई कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्केटिंग सीजन 2023-24 के लिए खरीफ फसलों के लिए MSP में वृद्धि को मंजूरी दी है। यह कदम उत्पादकों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और फसल डाइवर्सिफिकेशन को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है। सोयाबीन के लिए एमएसपी वर्तमान में 4,600 रुपये प्रति क्विंटल, तिल 8,635 रुपये प्रति क्विंटल, नीजर बीज 7,734 रुपये प्रति क्विंटल और कपास 6,620 रुपये प्रति क्विंटल है। कपास (लंबे रेशे) के लिए एमएसपी वर्तमान में 7,020 रुपये प्रति क्विंटल है।
मूंग दाल की MSP सबसे ज्यादा बढ़ी
पीयूष गोयल ने कहा कि मार्केट सीजन 2023-24 के लिए मूंग दाल की MSP में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की गई है। मूंग दाल की MSP बढ़कर 8,558/क्विंटल हो जायेगी। धान की MSP 7% बढ़कर 2183 रुपये/क्विंटल की जायेगी। वहीं सनफ्लावर सीड की MSP 360 रुपये बढ़कर 6760 रुपये/क्विंटल हो जायेगी।
कैबिनेट के फैसलों पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इसके अलावा सोयाबीन की MSP 300 रुपये बढ़कर 4600 रुपये/क्विंटल हो गई है। तिल की MSP 800 रुपये बढ़कर 8635 रुपये/क्विंटल हो गई है। मंगूफली की MSP 527 रुपये बढ़कर 6377 रुपये/क्विंटल की गई है। जबकि कपास की MSP 540 रुपये बढ़कर 6620/क्विंटल हो जायेगी।
बाजरा की MSP 150 रुपये बढ़कर हुई 2500 रुपये
आज कैबिनेट पूरी तरह से किसानों पर मेहरबान दिखी। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज बाजरा की MSP 150 रुपये बढ़ाकर 2500 रुपये/क्विंटल की गई। मक्का की MSP 128 रुपये बढ़कर 2090 रुपये/क्विंटल हो गई। जबकि रागी की MSP 268 रुपये बढ़ाकर 3846 रुपये/क्विंटल की गई। वहीं ज्वार हाईब्रिड MSP 210 रुपये बढ़कर 3180 रुपये/क्विंटल हो गई।
बता दें कि पिछले हफ्ते कैबिनेट ने देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के अलावा, फसल के नुकसान को कम करने और किसानों द्वारा संकट की बिक्री को रोकने के लिए सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण व्यवस्था बनाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। सरकार अगले पांच वर्षों में सहकारी क्षेत्र में 700 लाख टन अनाज भंडारण व्यवस्था बनाने की योजना बना रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कदम से ग्रामीण भारत में रोजगार के अवसर पैदा करने में भी मदद मिलेगी।