मेटल सेक्टर में इन दिनों सुस्ती का माहौल है, जबकि धातुओं की कीमतें तीन महीने के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई हैं। इसकी मुख्य वजह वैश्विक मांग में बदलाव और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स की कमजोरी मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव का असर न सिर्फ शेयर बाजार, बल्कि कमोडिटी बाजार, खासकर मेटल्स पर भी साफ नजर आ रहा है।
