Mustard Oil Latest Price: सरसों के तेल की कीमतों में बढ़त जारी, आखिर कहां जाकर रुकेंगे दाम

Mustard Oil Latest Price Trend: त्योहारी सीजन के शुरुआत के साथ खाने के तेल की कीमतें भी आसमान को छू रही है। कल जहां पाम ऑयल की कीमत इंटरनेशनल मार्केट में 5 महीनों की ऊंचाई पर पहुंच गई थी। वहीं सरसों तेल की कीमतें चर्चा का विषय बन गई है। बाकी तेलों के मुकाबले यह अब भी महंगा बना हुआ है

अपडेटेड Aug 19, 2025 पर 5:12 PM
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विजय डेटा ने कहा कि आने वाले महीनों में भी सरसों तेल का यह प्रीमियम बरकरार रहेगा।

Mustard Oil Latest Price Trend: त्योहारी सीजन के शुरुआत के साथ खाने के तेल की कीमतें भी आसमान को छू रही है। कल जहां पाम ऑयल की कीमत इंटरनेशनल मार्केट में 5 महीनों की ऊंचाई पर पहुंच गई थी। वहीं सरसों तेल की कीमतें चर्चा का विषय बन गई है। बाकी तेलों के मुकाबले यह अब भी महंगा बना हुआ है। सरसों तेल की कीमतें एक महीने में 5% तक दाम चढ़े है। एक साल में 34% की तेजी आ चुकी है।

कीमतों पर बात करते हुए विजय सॉल्वेंट के एमडी विजय डेटा ने कहा कि आने वाले महीनों में भी सरसों तेल का यह प्रीमियम बरकरार रहेगा। मौजूदा स्थिति पिछली बार की तुलना में सरसों के भाव ₹50–60 किलो कम हुए हैं। तेलों में गिरावट का कारण सरसों का अराइवल बढ़ना और सरकार द्वारा बाजार में स्टॉक छोड़ा है। खली में दाम बढ़ने के कारण तेलों के बाजार में 4-5 रुपये प्रति किलो की मंदी देखने को मिल रही है। हालांकि अभी भी तेल की कीमतों में अन्य तेलों के मुकाबले प्रीमियम लेवल पर बनी है।

उन्होंने आगे कहा कि ये बात सच है कि सरसों के तेल की डिमांड अन्य तेलों की तुलना में बढ़ी है। अच्छी डिमांड के कारण अन्य तेलों की तुलना में सरसों के तेल ने प्रीमियम बना लिया है। देश को सरसों के नई फसल का तैयार करना चाहिए। क्योंकि नई फसल के आने से पहले दाम कम नहीं होंगे। सरसों DOC में भी अच्छी मांग आई है।


विजय डेटा ने आगे कहा कि अगले 3 महीनों में दाम ₹155–₹170 किलो के बीच रहेंगे। ₹170 से ऊपर जाने की संभावना कम है। नीचे ₹155 तक ही सीमित गिरावट हो सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकारी एजेंसियों के पास अभी करीब 10 लाख टन का स्टॉक है। उम्मीद है कि दिसंबर तक यह पूरा स्टॉक मार्केट में छोड़ दिया जाएगा। लेकिन इसका भी दामों पर बहुत असर नहीं होगा क्योंकि बाजार पहले से इस स्टॉक को ध्यान में रख रहा है।

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