Palm Oil, Gold Base Import Price : सरकार ने क्रूड पाम ऑयल, सोया ऑयल (soya oil), सोना और चांदी का बेस इम्पोर्ट प्राइस बढ़ा दिया है। सरकार ने गुरुवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि वैश्विक मार्केट में कीमतों में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है। सरकार हर पखवाड़े में एडिबल ऑयल (edible oils), सोना और चांदी के बेस इम्पोर्ट प्राइस में बदलाव करती है। इन कीमतों को इम्पोर्टर से वसूले जाने वाले टैक्स की गणना में इस्तेमाल किया जाता है। भारत दुनिया में एडिबल ऑयल्स और चांदी का सबसे बड़ा इम्पोर्टर है। वहीं, सोने का दूसरा बड़ा कंज्यूमर है।
क्रूड पाम ऑयल का बेस इम्पोर्ट प्राइस 977 डॉलर प्रति टन कर दिया गया है, जबकि पहले यह 971 डॉलर था। आरबीडी पाम ऑयल का बेस इम्पोर्ट प्राइस 977 डॉलर से बढ़ाकर 979 डॉलर प्रति टन कर दिया गया है।
वहीं, आरबीडी पामोलीन (RBD palmolein) का बेस इम्पोर्ट प्राइस 993 डॉलर से घटाकर 988 डॉलर प्रति टन कर दिया गया है। वहीं, क्रूड सोया ऑयल का बेस प्राइस 1,360 डॉलर से घटाकर 1,275 डॉलर प्रति टन कर दिया गया है।
सोने का बेस इम्पोर्ट प्राइस 565 डॉलर से बढ़ाकर 588 डॉलर प्रति 10 ग्राम और चांदी का बेस इम्पोर्ट प्राइस 699 डॉलर से बढ़ाकर 771 डॉलर प्रति किग्रा कर दिया गया है।
नवंबर में 34 फीसदी बढ़ा एडिबिल ऑयल्स का इम्पोर्ट
भारत में नवंबर 2022 के दौरान एडिबल ऑयल्स का इम्पोर्ट (Import of Elidible Oil) 34 फीसदी बढ़कर 15.29 लाख टन हो गया। यह बढ़ोतरी क्रूड पाम और रिफाइंड पाम ऑयल (Refind Palm Oil) के आयात में तेज बढ़ोतरी के कारण हुई है। वहीं, वनस्पति तेल 32 फीसदी बढ़कर 15.45 लाख टन हो चुका है, जो पिछले साल इस माह के दौरान 11.73 लाख टन था। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) ने 2022-23 के तेल मार्केटिंग ईयर के पहले महीने नवंबर के लिए खाद्य तेल (Elidible Oil) और गैर-खाद्य तेल सहित कुल वनस्पति तेलों (Vegetable Oil) के आयात के आंकड़े जारी किए थे।