एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को बढ़ावा देने की ओर एक अहम कदम उठाते हुए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। वित्त मंत्रालय ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को बढ़ावा देने पर फोकस करते हुए हुए घोषणा की है कि 12-15% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं देनी होगी। इतना ही नहीं इस निर्णय पर तत्परता दिखाते हुए वित्त मंत्रालय ने इसके संबंध में नोटिफिकेश भी जारी कर दिया है।
वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेश पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने कहा कि वह पेट्रोल जिसमें 12 प्रतिशत की एथेनॉल ब्लेंडिंग की गई है या फिर उस पेट्रोल में 15 प्रतिशत की एथेनॉल ब्लेंडिंग की गई है तो उस पर एक्साइज ड्यूटी से छूट रहेगी। इसका मतलब है कि उस पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं देनी होगी।
लक्ष्मण रॉय ने एथेनॉल ब्लेंडिंग पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी पर किस प्रकार से छूट मिलेगी इसको स्पष्ट करते हुए कहा कि मान लें कि कुल 100 लीटर पेट्रोल है जिसके 12 प्रतिशत मात्रा यानी कि 12 लीटर की एथेनॉल ब्लेंडिंग की गई है तो उस 12 लीटर पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं देनी होगी। हालांकि 100 लीटर पेट्रोल के बाकी 88 प्रतिशत यानी कि 88 लीटर पेट्रोल पर पहले की तरह ही एक्साइज ड्यूटी देनी होगी।
लक्ष्मण ने आगे कहा कि पहले पेट्रोल में 8 प्रतिशत की एथेनॉल ब्लेंडिंग करने की अनुमति थी। सरकार ने बजट में इस सीमा को बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया था। अब जाकर सरकार ने एथेनॉल ब्लेंडिंग को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12-15 प्रतिशत तक कर दिया है। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि वह पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देना चाहती है। सरका का पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग पर फोकस है।
लक्ष्मण ने ये भी बताया कि एक महीने पहले ऑइल मार्केटिंग कंपनियों ने एथेनॉल ब्लेंडिंग की दिशा में सरकार के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए 9.5 प्रतिशत का टारगेट हासिल कर लिया था। अब ये खबर है कि ऑइल मार्केटिंग कंपनियों ने एथेनॉल ब्लेंडिंग में 10 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल कर लिया है। सरकार द्वारा इस लक्ष्य को आगे और बढ़ाये जाने की उम्मीद है।