Crude Oil इस साल अपने हाई से 20% टूट चुका है, क्या घटेंगी पेट्रोल और डीजल की कीमतें?

मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 7.1 फीसदी गिरकर 99.49 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडियट (WTI) भी 7.9 फीसदी गिरकर 95.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इस साल फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद क्रूड की कीमतों में उछाल देखने को मिला था

अपडेटेड Jul 13, 2022 पर 2:55 PM
इस साल 8 मार्च को ब्रेंट क्रूड का प्राइस 123 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गया था।

क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतें इस साल अपने सबसे ऊंचे स्तर से करीब 20 फीसदी गिर चुकी हैं। मंगलवार को क्रूड के प्राइसेज में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इंडिया के लिए यह अच्छी खबर है। इंडिया अपनी जरूरत का 85 फीसदी ऑयल इंपोर्ट करता है। क्रूड सस्ता होने से आयात खर्च कम रहता है। क्रूड महंगा होने पर इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है।

मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 7.1 फीसदी गिरकर 99.49 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडियट (WTI) भी 7.9 फीसदी गिरकर 95.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इस साल फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद क्रूड की कीमतों में उछाल देखने को मिला था।

इस साल 8 मार्च को ब्रेंट क्रूड का प्राइस 123 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गया था। तब से कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। जानकारों का मानना है कि क्रूड की कीमतों में गिरावट की कई वजह हैं। अमेरिका और यूरोप में मंदी आने का अनुमान जताया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो क्रूड की डिमांड घट जाएगी। इधर, चीन में कोरोना के नए सब-वेरिएंट के मिलने से फिर से पाबंदियां बढ़ाई जा रही हैं।


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अगर चीन में कोरोना का संक्रमण बढ़ता है तो वहां फिर से लॉकडाउन लग सकता है। इससे वहां आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ जाएंगी। इससे क्रूड की डिमांड में भी कमी आएगी। चीन दुनिया में क्रूड ऑयल का सबसे बड़ा इंपोर्टर है। दुनिया में क्रूड की सबसे ज्यादा खपत के मामले में अमेरिका के बाद चीन दूसरे नंबर पर है। इसलिए चीन में लॉकडाउन का सीधा असर वैश्विक बाजार में क्रूड के प्राइसेज पर पड़ेगा।

सवाल है कि आगे क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आएगी या तेजी? इस बारे में मशहूर एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में ज्यादा गिरावट आने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने बताया कि क्रूड के भाव आने वाले समय में 95 से 115 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप में मंदी की आशंका का असर क्रूड की कीमतों पर पड़ा है। उन्होंने अमेरिकी इकोनॉमी में बड़ी मंदी आने की आशंका को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वहां हल्की मंदी आ सकती है।

क्रूड की कीमतें 100 डॉलर पर आने के बाद इंडिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की उम्मीद बढ़ी हैं। इंडिया में लंबे समय से ईंधन की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के करीब बनी हुई हैं। कुछ राज्यों में तो पेट्रोल 100 रुपये के पार बिक रहा है। इंडिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतों मे कमी की संभावना के बारे में पूछने पर तनेजा ने कहा कि अभी इसकी उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए क्रूड की कीमतों का कम से कम एक महीने तक लो लेवल पर बने रहना जरूरी है। ऐसा होने के बाद ही घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की उम्मीद की जा सकती है।

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