Crude Oil Price Update: क्रूड अभी और चढ़ेगा, गोल्डमैन सैक्स ने बताया कहां तक जाएगा प्राइस

मंगलवार को ब्रेंट क्रूड का प्राइस (Brent Crude Price) करीब 126 डॉलर प्रति बैरल था। इस साल की शुरुआत में ब्रेंट करीब 79 डॉलर प्रति बैरल था। इस तरह सवा दो महीने में क्रूड का प्राइस 47 डॉलर प्रति बैरल बढ़ चुका है

अपडेटेड Mar 08, 2022 पर 5:41 PM
सोमवार को क्रूड का भाव थोड़े समय के लिए 139 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया था। यह क्रूड के 147 डॉलर प्रति बैरल के ऑल टाइम हाई के करीब है।

यूक्रेन पर रूस के हमले (Russian Attacks on Ukraine) के बाद क्रूड ऑयल के प्राइस (Crude Oil Price) में जबर्दस्त तेजी आई है। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड का प्राइस (Brent Crude Price) करीब 126 डॉलर प्रति बैरल था। इस साल की शुरुआत में ब्रेंट करीब 79 डॉलर प्रति बैरल था। इस तरह सवा दो महीने में क्रूड का प्राइस 47 डॉलर प्रति बैरल बढ़ चुका है। इंडिया में लोग जल्द पेट्रोल-डीजल के प्राइस (Petrol and diesel Prices) बढ़ने का अनुमान लगा रहे हैं। माना जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल का भाव जल्द प्रति लीटर 15 रुपये तक बढ़ सकता है।

क्रूड का प्राइस अभी और बढ़ने के आसार हैं। गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि इस साल स्पॉट में क्रूड का भाव 135 डॉलर प्रति बैरल रहेगा। हालांकि, उसने अगले साल इसमें कुछ नरमी की उम्मीद जताई है। उसने कहा है कि 2023 में क्रूड का भाव 115 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है। पहले उसने 2022 में क्रूड का भाव 98 डॉलर प्रति बैरल और 2023 में 105 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान जताया था।

यूक्रेन पर रूस के अटैक के बाद से क्रूड में तेजी जारी है। इसके जवाब में अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। उधर, लड़ाई का असर क्रूड की सप्लाई पर पड़ा है। इससे क्रूड की कीमतों में जबर्दस्त उछाल है। रूस की क्रूड की ग्लोबल सप्लाई में बड़ी हिस्सेदारी है। अगर यूक्रेन और रूस की लड़ाई जारी रहती है तो क्रूड में तेजी का रुख बना रहेगा।


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सोमवार को क्रूड का भाव थोड़े समय के लिए 139 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया था। यह क्रूड के 147 डॉलर प्रति बैरल के ऑल टाइम हाई के करीब है। गोल्डमैन सैक्स ने रिपोर्ट में कहा है, "हमारा मानना है कि क्रूड का प्राइस क्या रहता है, वह चीन के रोल पर निर्भर रहेगा। इसके अलावा रूस के एक्सपोर्ट में कितनी कमी आती है, इसका भी सप्लाई पर असर पड़ेगा।"

यूक्रेन और रूस के बीच लड़ाई जल्द खत्म होने के आसार नहीं दिखते। अब तक दोनों देशों के नेताओं के बीच तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन यह बातचीत बेनतीजा रही है। रूस अपने रुख में नरमी दिखाने को तैयार नहीं है। उधर, यूक्रेन के लोग पूरी तरह अपने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ हैं। करीब 4.5 करोड़ आबादी वाला देश रूस के आगे घुटने टेकने को तैयार नहीं है।

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