ट्विन टावर्स पर हमले से अमेरिकी बाजार में मचा था कोहराम, सेंसेक्स भी लुढ़का था

हमले के दिन अमेरिकी स्टॉक मार्केट्स पर ताला लटका रहा। उस दिन मंगलवार था। अमेरिकी स्टॉक मार्केट्स पर 16 सितंबर तक ताला लटका रहा। 17 सितंबर (सोमवार) के दिन न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज और नैस्डेक खुले

अपडेटेड Mar 08, 2022 पर 4:54 PM
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सितंबर 2001 में एपल के शेयर का प्राइस सिर्फ 0.31 डॉलर था। अभी इस शेयर का भाव 153.30 डॉलर है। इस तरह इस शेयर ने इनवेस्टर्स का पैसा तीन सौ गुना किया है।

इनसान की तरह स्टॉक मार्केट्स को निगेटिव खबरें पंसद नहीं है। दोनों में दूसरी समानता यह है कि दोनों हर झटके के बाद उबरना जानते हैं। 11 सितंबर, 2001 की सुबह अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड टावर और पेंटागन पर आतंकवादी हमला हुआ। पहले अमेरिकन एयरलाइंस का एक विमान 8:46 बजे नॉर्थ टावर से टकराया। ठीक 17 मिनट बाद 9:03 बजे यूनाइटेड एयरलाइंस का विमान साऊथ टावर से टकराया। ये दोनों टावर वॉल स्ट्रीट के बिल्कुल करीब थे। हमले के दिन अमेरिकी स्टॉक मार्केट्स पर ताला लटका रहा। उस दिन मंगलवार था। आपको यह कहानी बताने का मकसद यह है कि शेयर बाजार कभी खत्म नहीं होते।

एक हफ्ते तक अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों पर लटका रहा ताला

अफरातफरी, पैनिक सेलिंग और शेयरों की वैल्यू में संभावित लॉस की आशंका से अमेरिकी स्टॉक मार्केट्स पर 16 सितंबर तक ताला लटका रहा। 17 सितंबर (सोमवार) के दिन न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज और नैस्डेक खुले। उस दिन डाओ जोंस 684 अंक यानी 7.1 फीसदी लुढ़क गया। पूरे हफ्ते अमेरिकी स्टॉक मार्केट्स में गिरावट जारी। शुक्रवार तक डाओ जोंस 14 फीसदी और नैस्डेक 16 फीसदी गिर गए थे। एसएंडपी 500 में भी हफ्ते के दौरान 11.6 फीसदी फिसला था। इस दौरान इनवेस्टर्स के 1.4 लाख करोड़ डॉलर डूब गए थे।


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अमेरिकी कंपनियों के शेयरों ने दिया जोरदार रिटर्न

लेकिन, अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में कुछ समय बाद रौनक लौट आई। उसके बाद से अमेरिकी कंपनियों ने इनवेस्टर्स को मालामाल किया है। अमेरिकी की बड़ी कंपनियों ने इस दौरान अपने इनवेस्टर्स का पैसा कई गुना किया है। उदाहरण के लिए सितंबर 2001 में एपल के शेयर का प्राइस सिर्फ 0.31 डॉलर था। अभी इस शेयर का भाव 153.30 डॉलर है। इस तरह इस शेयर ने इनवेस्टर्स का पैसा तीन सौ गुना किया है। अगर तब किसी इनवेस्टर्स ने एपल के शेयर में 1 लाख डॉलर का निवेश किया होता तो आज वह 300 लाख डॉलर का मालिक होता।

अमेरिका की दिग्गज रिटेलिंग कंपनी वॉलमार्ट के शेयर का प्राइस सितंबर 2001 में 58.44 डॉलर था। अभी इस शेयर का प्राइस 141.67 डॉलर है। माइक्रोसॉफ्ट के शेयर का प्राइस सितंबर 2001 में 24.86 डॉलर था। अभी इस शेयर का भाव 279 डॉलर है। एक्सोन मोबिल के शेयर का भाव सितंबर 2001 में 41.70 था। आज इसका भाव 87.12 है। तब बर्कशायर हैथवे के शेयर का भाव 68,000 डॉलर था। अभी इस शेयर का भाव 4,84,527 डॉलर है। विकसित देशों की कंपनियों के शेयरों के रिटर्न की तुलना भारत जैसे उभरते बाजारों के शेयरों से नहीं की जा सकती। इसकी वजह यह है कि उभरते देशों में रिटर्न ऑन इक्विटी विकसित देशों के मुकाबले काफी ज्यादा होता है।

कंपनी सितंबर 2001 में शेयर प्राइस करेंट शेयर प्राइस
एपल 0.31 डॉलर 155.30 डॉलर
बर्कशायर हैथवे 68,000 डॉलर 4,84,527 डॉलर
माइक्रोसॉफ्ट 24.86 डॉलर 278.91 डॉलर
एक्सोनमोबिल 41.70 डॉलर 87.12 डॉलर
वॉलमार्ट 58.44 डॉलर 141.67 डॉलर

बीएसई सेंसेक्स में भी आई थी 10 फीसदी गिरावट

11 सितंबर, 2001 को अमेरिका में आतंकी हमले का असर इंडिया के स्टॉक मार्केट्स पर भी पड़ा था। 12 सितंबर, 2001 को सेंसेक्स 3032 अंक पर बंद हुआ था। 13 सिंतबर, 2001 को यह गिरकर 2987 अंक पर आ गया। 14 सितंबर को यह 2830 अंक पर बंद हुआ। 17 सितंबर को यह गिरकर 2680 अंक पर आ गया था। इस तरह 12 सितंबर से 17 सितंबर के दौरान सेंसेक्स में 300 अंक से ज्यादा गिरावट आई थी। यह करीब फीसदी के बराबर है।

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