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क्या महंगे-पेट्रोल डीजल से लोगों को राहत देने के लिए सरकार के पास कोई रास्ता है?

अगर सरकार तेजी से कदम उठाएं तो यह बजट घाटा को कम करने, पेट्रोल की डिमांड में कमी लाने और पॉल्यूशन घटाने के लिए एक बड़ा मौका हो सकता है। इसके लिए सरकार को पब्लिक ट्रांजिट पर फोकस करना होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 04, 2022 पर 2:41 PM
क्या महंगे-पेट्रोल डीजल से लोगों को राहत देने के लिए सरकार के पास कोई रास्ता है?
दुनिया में क्रूड की सबसे ज्यादा खपत अमेरिका और चीन में है। ज्यादां इंपोर्ट करने वाले देशों में भारत के अलावा ब्राजील, मैक्सिको और इंडोनेशिया भी शामिल हैं।

क्रूड ऑयल का प्राइस अपने रिकॉर्ड हाई लेवल 147.50 डॉलर प्रति बैरल की तरफ बढ़ रहा है। इसने क्रूड ऑयल इंपोर्ट करने वाले देशों का खर्च बढ़ा दिया है। यूरोपीय देश और इंडिया अपनी खपत के ज्यादा हिस्से का इंपोर्ट करते हैं। हालांकि, दुनिया में क्रूड की सबसे ज्यादा खपत अमेरिका और चीन में है। ज्यादां इंपोर्ट करने वाले देशों में भारत के अलावा ब्राजील, मैक्सिको और इंडोनेशिया भी शामिल हैं।

ओपेक ने अगले महीने क्रूड की सप्लाई में मामूली वृद्धि करने का वादा किया है। उधर, प्रतिबंध की वजह से रूस की तरफ से रोजाना 1.1 करोड़ बैरल की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है। क्या आपको अंदाजा है कि इससे कितनी बड़ी प्रॉब्लम होने जा रही है? दरअसल, ऑयल कितना भी महंगा हो जाए, इसकी खपत पर उसका असर कम दिखता है।

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इसकी वजह यह है कि लोगों और बिजेनसेज के लिए ऑयल पर होने वाले खर्च को घटाना मुश्किल है। लोगों के पास कार में पेट्रोल डलवाने, रसोई गैस खरीदने या जेनरेटर चलाने के सिवाय दूसरा कोई रास्ता नहीं है। यही वजह है कि फ्यूल महंगा होने पर लोग अपने जरूरी खर्चों में कमी करना शुरू कर देते हैं। महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ने और आरबीआई के इंट्रेस्ट रेट बढ़ाने से स्थिति और खराब हो सकती है।

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