जुलाई में इंडिया के क्रूड ऑयल (Crude Oil) के कुल इंपोर्ट में रूस की हिस्सेदारी बढ़कर 18 फीसदी (वैल्यू के लिहाज से) पहुंच गई। कॉमर्स मिनिस्ट्री (Commerce Ministry) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिए। इसके बाद से रूस ने इंडिया को बहुत कम दाम पर क्रूड आयल बेचने का ऑफर दिया था। इंडिया इस मौके का फायदा उठा रहा है।
कॉमर्स मिनिस्ट्री के डेटा के मुताबिक, इंडिया ने जुलाई में रूस से 2.88 अरब डॉलर के क्रूड ऑयल का इंपोर्ट किया। जून के 2.89 अरब डॉलर के मुकाबले यह थोड़ा कम है। लेकिन, जुलाई में इंडिया का क्रूड ऑयल इंपोर्ट जून के मुकाबले एक अरब डॉलर से ज्यादा कम रहा। इस वजह से जुलाई में रूस से आयातित क्रूड की हिस्सेदारी क्रूड के कुल आयात में बढ़कर 17.9 फीसदी पहुंच गई। जून में इंडिया के कुल क्रूड इंपोर्ट में रूस की हिस्सेदारी 16.8 फीसदी थी।
अगस्त में क्रू़ड ऑयल इंपोर्ट के प्रोविजनल डेटा 14 सितंबर को जारी किए गए। इसके मुताबिक, अगस्त में इंडिया का पेट्रोलियम, क्रूड और प्रोडक्ट्स का आयात बढ़कर 17.7 अरब डॉलर पहुंच गया। जुलाई में यह 16.11 अरब डॉलर था। पिछले महीनों रूस से क्रूड ऑयल का आयात तेजी से बढ़ा है।
पिछले हफ्ते फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने रूस से क्रूड ऑयल का आयात बढ़ाने का फैसला तुरंत लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि रूस पर अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिबंधों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से क्रूड का आयात बढ़ाने का फैसला लिया।
सीतारमण ने कहा था, "प्रतिबंध लगने के बाद से कई देश रूस से क्रूड और गैस के इंपोर्ट के लिए अपने तरीके निकाल रहे हैं। यह इनफ्लेशन को घटाने की उनकी रणनीति का हिस्सा है।" इंडिया ने अप्रैल-जुलाई के दौरान रूस से 8.95 अरब डॉलर मूल्य के क्रूड ऑयल का इंपोर्ट किया। इसके मुकाबले इंडिया ने फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में रूस से 9.87 अरब डॉलर का इंपोर्ट किया था।
पिछले कुछ महीनों में इंडिया के लिए रूस क्रूड ऑयल का बड़ा स्रोत बन गया है। इस साल अप्रैल में इंडिया के क्रूड ऑयल के कुल इंपोर्ट में रूस की हिस्सेदारी 8.4 फीसदी थी। मई में यह 12.8 फीसदी पर पहुंच गई। जून में यह 16.8 फीसदी और जुलाई में 17.9 फीसदी पर पहुंच गई।
इंडिया ने जुलाई में इराक से 3.2 अरब डॉलर मूल्य के क्रूड ऑयल का इंपोर्ट किया। यह इस महीने रूस से आयातित क्रूड के मुकाबले सिर्फ 32.1 करोड़ टन ज्यादा है। वॉल्यूम के लिहाज से इरान से आयातित ऑयल रूस के मुकाबले सिर्फ 2.8 लाख टन ज्यादा रहा।