तेल की कीमतें 1 डॉलर गिरकर 111.70 डॉलर के स्तर पर, इन फैक्टर्स से बढ़ा दबाव

प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरों में बढ़ोतरी, डॉलर में मजबूती और मंदी की आशंकाओं के चलते पिछले हफ्ते दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में लगातार दूसरी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई थी।

अपडेटेड Jun 27, 2022 पर 12:24 PM
रूसी तेल पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते क्रूड और तेल उत्पादों की आपूर्ति की कमी के चलते तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के सपोर्ट से ऊपर बनी हुई हैं

Oil Prices : कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को 1 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट देखने को मिल रही है। दरअसल, वैश्विक आर्थिक चिंताओं के चलते तेल की मांग का आउटलुक कमजोर होने से कीमतों पर दबाव बना हुआ है। उधर, इनवेस्टर्स की नजर इस सप्ताह होने वाली जी7 देशों की बैठक (G7 meeting) पर भी है, जिसमें रूसी तेल निर्यात और ईरान न्यूक्लियर डील को रिवाइव करने को लेकर कोई फैसला हो सकता है।

ब्रेंट क्रूड में आई कितनी कमजोरी

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स (Brent crude futures) LCOc1 शुक्रवार को 2.8 फीसदी मजबूत होने के बाद आज 1.42 डॉलर यानी 1.3 फीसदी गिरकर 111.70 डॉलर पर बना हुआ है। वहीं यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड (US West Texas Intermediate crude) CLc1 पिछले सत्र में 3.2 फीसदी मजबूत होने के बाद आज 1.54 डॉलर यानी 1.4 फीसदी कमजोर होकर 106.08 डॉलर पर बना हुआ है।


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इन वजहों से दिख रही कमजोरी

प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरों में बढ़ोतरी, डॉलर में मजबूती और मंदी की आशंकाओं के चलते पिछले हफ्ते दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में लगातार दूसरी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, रूसी तेल पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते क्रूड और तेल उत्पादों की आपूर्ति की कमी के चलते तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के सपोर्ट से ऊपर बनी रहीं।

जी7 में कई अहम मुद्दों पर होगा विचार

सात अमीर देशों (G7) के लीडर्स द्वारा इस सप्ताह एनर्जी की बढ़ती कीमतों को थामने और रूसी तेल और गैस के विकल्पों पर चर्चा किए जाने का अनुमान है। साथ ही वे ऐसे प्रतिबंधों पर भी विचार कर सकते हैं, जिनसे महंगाई न बढ़े।

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इन कदमों में रूसी क्रूड और तेल उत्पादों के एक्सपोर्ट पर प्राइस कैप लगाना शामिल है, जिससे रूस का रेवेन्यू घट जाएगा और उसे आर्थिक नुकसान होगा।

रूसी एक्सपोर्ट पर लग सकती है प्राइस कैप

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के एनालिस्ट विवेक धर ने कहा, “यह अभी अस्पष्ट है कि क्या प्राइस कैप लगाने से उनका उद्देश्य पूरा हो सकेगा।”

जी7 की बैठक में ईरान न्यूक्लियर डील पर वार्ता फिर से शुरू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। सीएमसी मार्केट एनालिस्ट्स टीना तेंग ने कहा, इस सप्ताह, ट्रेडर्स की जनर ईरान न्यूक्लियर वार्ता फिर से शुरू होने की संभावनाओं पर रहेगी, जिससे ईरान से तेल का निर्यात फिर से शुरू हो सकता है।

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