हफ्ते भर की बिकवाली के बाद तेल 4% उछला, लेकिन चौथे हफ्ते भी रही गिरावट

तेल की कीमतों में शुक्रवार 17 नवंबर को 4 प्रतिशत से अधिक का इजाफा देखने को मिला। हालांकि इसके पिछले सत्र में तेल का भाव चार महीने के निचले स्तर पर गिर गया था। जिन निवेशकों ने शॉर्ट पोजीशन ली थी, उन्होंने मुनाफा कमाया। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड वायदा 3.19 डॉलर या लगभग 4.1 प्रतिशत बढ़कर 80.61 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ

अपडेटेड Nov 18, 2023 पर 12:16 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
शुक्रवार को तेल की कीमतों में उछाल के बावजदू दोनों बेंचमार्क हफ्ते के अंत में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए

शुक्रवार 17 नवंबर को तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इसके पिछले सत्र में तेल का भाव चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया था जहां से इसमें उछाल नजर आया। जिन निवेशकों ने शॉर्ट पोजीशन ली थी, उन्होंने मुनाफा कमाया। ब्रेंट क्रूड वायदा 3.19 डॉलर या लगभग 4.1 प्रतिशत बढ़कर 80.61 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड (WTI) 2.99 डॉलर या 4.1 प्रतिशत बढ़कर 75.89 डॉलर पर बंद हुआ। न्यूयॉर्क में Again Capital LLC के पार्टनर John Kilduff ने कहा, "निवेशकों को एक हद तक स्वाभाविक मुनाफा लेने वाला रिबाउंड और शॉर्ट कवरिंग मिल रहा है।"

इस हफ्ते अमेरिका द्वारा ग्रुप ऑफ सेवन के प्राइस कैप से ऊपर बेचे जाने वाले रूसी तेल की शिपिंग के लिए समुद्री कंपनियों और जहाजों पर प्रतिबंध लगाने के बाद होने वाले कुछ नुकसान की भरपाई हो गई।

फिर भी दोनों बेंचमार्क हफ्ते के अंत में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए। यह उनकी लगातार चौथी साप्ताहिक गिरावट है। जो ज्यादातर अमेरिकी कच्चे माल की इन्वेटरीज में वृद्धि और निरंतर रिकॉर्ड-उच्च उत्पादन के कारण कम हुई।


चीन में गहराते संपत्ति संकट और धीमी औद्योगिक वृद्धि का भी असर इस पर देखने को मिला।

Lipow Oil Associates के अध्यक्ष एंड्रयू लिपो ने कहा, "चीन से मांग में वृद्धि उम्मीदों से कम हो रही है।"

अमेरिकी तेल उत्पादक कमजोर कीमतों के कारण लगभग एक साल से एक्टिव ड्रिलिंग रिग्स की संख्या में कटौती कर रहे हैं। एनर्जी सर्विस फर्म Baker Hughes ने कहा, इस सप्ताह तेल रिग की संख्या छह रिग का इजाफा देखने को मिला। ये संख्या फरवरी के बाद से सबसे अधिक है।

प्राइस फ्यूचर्स ग्रुप के विश्लेषक Phil Flynn ने कहा, "जब आपकी कीमत में भारी गिरावट आती है, तो उत्पादक कैपेक्स और प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के बारे में दो बार सोचते हैं।"

Delhivery में जापनी सॉफ्टबैंक ने करीब 740 करोड़ रुपये के शेयर बेचे

कुछ एनालिस्ट्स ने कहा कि 16 नवंबर की तेज बिकवाली शायद ज्यादा आवश्यकता से ज्यादा हो गई है। खासकर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के मद्देनजर ये देखने को मिला होगा। ये तनाव तेल की आपूर्ति को बाधित कर सकता है। अमेरिका हमास-समर्थक ईरान के खिलाफ प्रतिबंध लागू करने वाला है।

ब्रेंट के 80 डॉलर से नीचे होने पर, कई एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि OPEC+, मुख्य रूप से सऊदी अरब और रूस, 2024 तक उत्पादन में कटौती बढ़ाएंगे।

तीन सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि OPEC+ समूह, जिसमें पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन और उसके सहयोगी शामिल हैं। वे समूह की इस महीने के अंत में बैठक होने पर इस पर विचार करेंगे कि अतिरिक्त तेल आपूर्ति में कटौती की जाए या नहीं।

गोल्डमैन सैक्स के एनालिस्ट्स ने एक नोट में कहा, "हमारी उम्मीदों से अधिक मांग के बावजूद इस साल तेल की कीमतें थोड़ी कम हुई हैं।"

 

 

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।