Petrol Prices in Himachal: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पेट्रोल और डीजल पर 'अनाथ एवं विधवा कल्याण सेस' लगाने जा रही है। इस सेस की वजह से हिमाचल प्रदेश में उपभोक्ताओं को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल के लिए ज्यादे पैसे देने होंगे। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वॉकआउट के बावजूद विधानसभा ने सोमवार को एक वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) संशोधन बिल पास कर दिया।
इस बिल के तहत पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर ₹5 प्रति लीटर तक का "अनाथ और विधवा" सेस लगाने का प्रावधान किया गया है। यानी पेट्रो-डीजल अब हिमाचल में पांच रुपये पर महंगा हो सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह सेस अनाथों और विधवाओं के लिए कल्याणकारी उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए राजस्व का एक समर्पित, स्थिर और टिकाऊ स्रोत सुनिश्चित करने के लिए लगाया गया है।
हिमाचल प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स (संशोधन) बिल, 2006 का विरोध करते हुए रणधीर शर्मा (BJP) ने तर्क दिया कि इस सेस के लगने के बाद, राज्य में पेट्रोल और डीज़ल पड़ोसी राज्यों की तुलना में ज्यादा महंगे हो जाएंगे। बीजेपी नेता ने कहा कि इससे महंगाई और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पहले से ही यह आशंका थी कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ेंगी।
इस बिल का विरोध करते हुए, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष के कारण पेट्रोलियम की कीमतें बढ़ने का डर है। राज्य सरकार द्वारा लगाया गया यह अतिरिक्त सेस लोगों पर बुरा असर डालेगा। उन्होंने बिल के शीर्षक को लेकर भी आपत्तियां उठाईं।
वहीं, बीजेपी नेता त्रिलोक जमवाल ने कहा कि इस कदम का ट्रक ड्राइवरों से लेकर आम आदमी तक समाज के सभी वर्गों पर असर पड़ेगा। वहीं, सतपाल सिंह सत्ती (BJP) ने चेतावनी दी कि इससे सीमेंट और अन्य जरूरी चीजों की कीमतें भी बढ़ जाएंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार विधवाओं के नाम पर पैसे इकट्ठा कर रही है, जो कि गलत है।
बिल पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सुक्खू ने बताया कि केंद्र सरकार ने भी सेस लगाए हैं। इसके अलावा, राजस्व घाटा अनुदान (RDG) देना भी बंद कर दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि BJP को केंद्र सरकार पर दबाव डालना चाहिए कि वह अपने सेस कम करे। उन्होंने BJP को राज्य-विरोधी और अनाथों तथा विधवाओं के कल्याण के खिलाफ बताया।