Petrol-diesel Updates: पेट्रोल-डीजल की कीमतें कोविड से पहले के स्तर पर पहुंचीं

मार्च के पहले पखवाड़ें में पेट्रोल की बिक्री 18 फीसदी और डीजल की बिक्री 23.7 फीसदी बढ़ी। लोगों ने कीमतें बढ़ने के डर से पेट्रोल और डीजल का स्टॉक बनाया

अपडेटेड Apr 01, 2022 पर 3:06 PM
पिछले दो साल में डीजल की सबसे ज्यादा सेल मार्च में देखने को मिली है। मार्च में डीजल की बिक्री में अप्रैल 2020 की बिक्री के दोगुना से ज्यादा रही।

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें (Petrol-diesel Prices) कोविड से पहले के स्तर पर पहुंच गई हैं। इसकी दो वजहें हैं। पहला, कोरोना से जुड़ी पाबंदियां हटने के बाद आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। दूसरा, लोग फ्यूल (Fuel) की कीमतें बढ़ने के डर से इसकी ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं।

मार्च के पहले दो हफ्तों में डीलरों के साथ आम लोगों ने अपनी टंकी फुल कराई। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने के डर से उन्होंने ऐसा किया। पिछले साल नवंबर के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई नहीं गई थी। उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के चलते ऐसा हुआ था।

22 मार्च से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाना शुरू किया। सरकारी तेल कंपनियों ने मार्च में 26.9 लाख टन पेट्रोल बेचे। यह पिछले साल मार्च के मुकाबले 14.2 फीसदी ज्यादा है। 2029 के मार्च के मुकाबले यह 14.2 फीसदी अधिक है। डीजल की बिक्री मार्च में 10.1 फीसदी बढ़कर 70. 5 लाख टन रही। मार्च 2019 के मुकाबले यह 5 फीसदी ज्यााद रही।


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मार्च के पहले पखवाड़ें में पेट्रोल की बिक्री 18 फीसदी और डीजल की बिक्री 23.7 फीसदी बढ़ी। लोगों ने कीमतें बढ़ने के डर से पेट्रोल और डीजल का स्टॉक बनाया। मार्च 2020 के मुकाबले पेट्रोल की बिक्री 38.6 फीसदी ज्यादा रही। मार्च 2020 के मुकाबले डीजल की बिक्री 41.6 फीसदी ज्यादा रही। मासिक आधार पर पेट्रोल की बिक्री में 17.3 फीसदी और डीजल की बिक्री में 22.3 फीसदी का उछाल आया।

पिछले दो साल में डीजल की सबसे ज्यादा सेल मार्च में देखने को मिली है। मार्च में डीजल की बिक्री में अप्रैल 2020 की बिक्री के दोगुना से ज्यादा रही। अप्रैल 2020 में देश में लॉकडाउन था। सूत्रों का कहना है कि सिर्फ आम लोगों ने दाम बढ़ने की आशंका से पेट्रोल और डीजल की ज्यादा खरीदारी नहीं की, बल्कि पेट्रोल पंपों ने भी जमकर फ्यूल के स्टॉक बढ़ाएं। इसका मकसद कीमतें बढ़ने की स्थिति में फटाफट मुनाफा कमाना था।

पिछले 12 दिन में शुक्रवार दूसरा दिन था जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गईं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कुछ राहत मिली है। हालांकि, शुक्रवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए। इससे पहले सिर्फ एक दिन छोड़कर 22 मार्च के बाद लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमत 80-80 पैसे बढ़ाए गए हैं।

 

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