Petrol-Diesel Prices Today: पेट्रोल और डीजल के फिर बढ़े दाम, 10 दिन में चौथी बार बढ़ोतरी, जानें- आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol-Diesel Prices Today: डीजल की कीमतें 2.71 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमतें 2.61 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई हैं। अब राजधानी दिल्ली में डीजल की कीमत बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये हो गई है। 10 दिनों में चौथी बार तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है

अपडेटेड May 25, 2026 पर 7:20 AM
Petrol-Diesel Prices Today: पेट्रोल और डीजल के दाम 10 दिनों में चौथी बार बढ़ गए हैं

Petrol-Diesel Prices Today: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 दिनों में सोमवार (25 मई) को चौथी बार बढ़ोतरी की गई। डीजल की कीमतें 2.71 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमतें 2.61 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई हैं। अब राजधानी दिल्ली में डीजल की कीमत बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये हो गई है।

ताजा बढ़ोतरी के बाद 10 दिनों के भीतर पेट्रोल एवं डीजल के दाम देशभर में लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुके हैं। इससे पहले 23 मई को पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे लीटर जबकि डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।

25 मई 2026 के लिए चार मेट्रो शहरों के RSP (रिटेल सेलिंग प्राइस) इस तरह हैं:-


MS (पेट्रोल) की कीमतें

दिल्ली- Rs 102.12 (+2.61)

कोलकाता- Rs 113.51 (+2.87)

मुंबई- Rs 111.21 (+2.72)

चेन्नई- Rs 107.77 (+2.46)

हाई स्पीड डीजल की कीमतें

दिल्ली- Rs 95.20 (+2.71)

कोलकाता- Rs 99.82 (+2.80)

मुंबई- Rs 97.83 (+2.81)

चेन्नई- Rs 99.55 (+2.57)

पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ रहे दाम

पश्चिम एशिया संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के साथ सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां ईंधन के खुदरा दाम बढ़ा रही हैं। हालांकि इसके पहले लंबे समय पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में यह वृद्धि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, रिफाइनिंग मार्जिन में कमी और रुपये के कमजोर होने के कारण हुई है।

इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर और 19 मई को लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। नायरा एनर्जी ने मार्च में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः पांच रुपये और तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी। अमेरिका और इजरायल की तरफ से 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद दोनों पक्षों में छिड़े संघर्ष से वैश्विक तेल की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य अवरुद्ध हो गया है। इससे कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई हैं।

खुदरा ईंधन विक्रेताओं ने इस बढ़ती लागत के बावजूद पेट्रोल पंपों पर कीमतें कम रखी थीं। सरकार ने इसे उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया कदम बताया था। हालांकि, विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के संपन्न होने का इंतजार कर रही थी। इस बीच, सरकार का कहना है कि कीमतों में इस वृद्धि के बावजूद, खुदरा ईंधन विक्रेताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

2022 के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंचीं कीमतें

बहरहाल, पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब मई, 2022 के बाद से उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। आखिरी बार कीमतों में वृद्धि अप्रैल 2022 में हुई थी। ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी भारत के तेल आयात बिल को नियंत्रित करने और ईंधन की खपत को कम करने के लिए सरकार के व्यापक प्रयासों के बीच हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए विदेशी मुद्रा बचाने के मकसद से ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों का आह्वान किया है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा है। लगातार तीसरे वर्ष चालू खाते का घाटा बढ़ने का खतरा है। कई राज्य सरकारों ने पहले ही अपने विभागों को यात्रा सीमित करने, बैठकों में कटौती करने और कम कर्मचारियों के साथ कार्यालय चलाने के निर्देश दिए हैं।

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