Brent crude : रूस और यूक्रेन के बीच टकराव (Russia Ukraine conflict) बढ़ने के साथ क्रूड ऑयल की कीमतों में मंगलवार को भी बढ़ोतरी जारी रही। अपराह्न 3.15 बजे कीमतें 3.35 फीसदी बढ़कर 101.25 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 2.78 फीसदी की मजबूती के साथ 98.38 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था।
तेल के लिए भारत आयात पर निर्भर
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत के लिए एक बड़ी चिंता है, क्योंकि भारत अपने तेल की जरूरतों के लिए 85 फीसदी और नेचुरल गैस के लिए 55 फीसदी आयात पर निर्भर हैं। भारत ने वित्त वर्ष तेल के आयात पर वित्त वर्ष 21 में 62.71 अरब डॉलर, वित्त वर्ष 20 में 101.4 अरब डॉलर और वित्त वर्ष 19 में 111.9 अरब डॉलर खर्च किए थे।
बढ़ेगा भारत का इंपोर्ट बिल
कोटक सिक्योरिटी के हेड (इक्विटी रिसर्च) श्रीकांत चौहान ने कहा कि क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से भारत का ऑयल इंपोर्ट बिल बढ़ेगा और इसके चलते आगे महंगाई बढ़ सकती है।
हाल की एक रिपोर्ट में रेटिंग एजेंसी इकरा (ICRA) ने कहा था कि आपूर्ति में बाधाओं के चलते भारत पर कमोडिटी विशेषकर तेल एवं गैस की कीमत में तेजी के साथ शॉर्ट टर्म के लिए सीमित असर पड़ सकता है।
स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व को रिलीज करने की तैयारी
सरकार ने कहा कि वह जिओपॉलिटिकल टेंशन पर नजर बनाए हुए हैं। पिछले सप्ताह पेट्रोलियम और तेल गैस मंत्रालय ने कहा कि वह स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व को रिलीज करने की पहल को सपोर्ट देने के लिए प्रतिद्ध है।
2019-20 के कंजमप्शन पैटर्न के मुताबिक, स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व की कुल क्षमता लगभग 53.3 करोड़ मीट्रिक टन है और इससे क्रूड ऑयल की 9.5 दिन की जरूरत पूरी हो सकती है।
पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन (OPEC) और रूस सहित अन्य उत्पादक भी बुधवार को बैठक करेंगे और आपूर्ति में क्रमिक वृद्धि बनाए रखेंगे।