Russia-Ukraine Conflict: क्रूड ऑयल 100 डॉलर पहुंचा, भारत पर पड़ेगा क्या असर?

इंडिया पेट्रोलियम की अपनी खपत का 85 फीसदी हिस्सा इंपोर्ट करता है। इससे घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ेंगी। साथ ही रोजमर्रा की दूसरी चीजें भी महंगी हो जाएंगी। ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो जाएगा। इन सब चीजों का सीधा असर महंगाई दर पर पड़ेगा

अपडेटेड Feb 24, 2022 पर 3:48 PM
Story continues below Advertisement
महंगे फ्यूल से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने के साथ ही पैसेंजर फ्रेट यानी टिकट का मूल्य बढ़ जाएगा। फ्रेट कॉस्ट बढ़ने का असर फल-सब्जियों से लेकर मैन्युफैक्चर्ड गुड्स के भाव तक पर पडे़गा। इससे कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स आधारित इनफ्लेशन बढ़ जाएगा।

यूक्रेन पर रूस के हमले (Russian Attack on Ukraine) का तुरंत असर क्रू़ड ऑयल (Crude Oil) पर पड़ा है। गुरुवार को क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। 2014 के बाद पहली बार क्रूड का भाव इस लेवल पर पहुंचा है। क्रूड का भाव इतनी ऊंचाई पर पहुंचने का सीधा असर इंडिया (Impact on India of high crude prices) पर होगा। इससे कई कंपनियों के लिए उत्पादन करना महंगा हो जाएगा। इससे आपको चीजों के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि इंडिया पेट्रोलियम की अपनी खपत का 85 फीसदी हिस्सा इंपोर्ट करता है। इससे घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ेंगी। साथ ही रोजमर्रा की दूसरी चीजें भी महंगी हो जाएंगी। ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो जाएगा। इन सब चीजों का सीधा असर महंगाई दर पर पड़ेगा। पहले से ही रिटेल इनफ्लेशन रेट में बढ़ोतरी का रुख है। इसका असर इंडिया के करेंट अकाउंट डेफिसिट पर भी पड़ेगा।


यह भी पढ़ें : Elon Musk की दौलत 200 अरब डॉलर से हुई कम, एक दिन में 13.3 डॉलर वेल्थ घटने से लगा झटका

इकोनॉमिक सर्वे 2021-22 में इंपोर्टेड इनफ्लेशन रिस्क बढ़ने के रिस्क के बारे में बताया गया था। दरअसल ग्लोबल मार्केट में फ्यूल की ऊंची कीमतों से इंपोर्टेड इनफ्लेशन का रिस्क बढ़ जता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी और बजट 2022 में क्रूड ऑयल की प्राइसेज को लेकर ज्यादा चिंता नहीं जताई गई थी। बजट और आरबीई ने इस साल क्रूड का एवरेज प्राइस 70-75 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान जताया था। लेकिन, क्रूड की वैश्विक कीमत इस अनुमान से काफी ऊपर निकल चुकी है।

क्रूड ऑयल के इंडियन बास्केट का फ्री-ऑन-बोर्ड (FOB) प्राइस 16 फरवरी को 94.68 डॉलर प्रति बैरल था। इंडियन बास्केट में ओमान और दुबई का ब्लेंड (मिलाजुला रूप) होता है। इधर, इंडियन मार्केट में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 नवंबर के बाद से कोई वृद्धि नहीं हई है। माना जा रहा है कि 10 मार्च को पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजें आने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल आएगा।

महंगे फ्यूल से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने के साथ ही पैसेंजर फ्रेट यानी टिकट का मूल्य बढ़ जाएगा। फ्रेट कॉस्ट बढ़ने का असर फल-सब्जियों से लेकर मैन्युफैक्चर्ड गुड्स के भाव तक पर पडे़गा। इससे कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स आधारित इनफ्लेशन बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर आम आदमी के बजट पर पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल के लिए ज्यादा कीमत चुकाने के साथ ही आपको दूसरी कई चीजों के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।