अमेरिका अपने रिजर्व से 18 करोड़ बैरल ऑयल कर सकता है रिलीज, इंडिया को होगा बड़ा फायदा

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के सदस्य देश भी रिजर्व से ऑयल रिलीज करने के बारे में शुक्रवार को बैठक में फैसला लेंगे। अगर आईईए के सदस्य देशों में इस बारे में सहमति बन जाती है तो क्रूड की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है

अपडेटेड Mar 31, 2022 पर 5:55 PM
अभी अमेरिका के रिजर्व में 56.8 करोड़ बैरल क्रूड है। यह मई 2002 के बाद सबसे कम स्टॉक है।

अमेरिका अपने स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) से 18 करोड़ बैरल ऑयल रिलीज करने पर विचार कर रहा है। इसका मकसद क्रूड की कीमतों में कमी लाना है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद क्रूड की कीमतों में जबर्दस्त उछाल आया है। एक समय क्रूड का प्राइस बढ़कर 139 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया था। अभी यह 108 डॉलर प्रति बैरल है। अमेरिका अगर अपने रिजर्व से क्रूड रिलीज करता है तो इससे ऑयल का प्राइस घटेगा। इससे इंडिया को फायदा होगा।

छह महीने में तीसरी बार रिजर्व से ऑयल रिलीज करेगा अमेरिका

अमेरिका 18 करोड़ बैरल ऑयल अपने रिजर्व से धीरे-धीरे रिलीज करेगा। हालांकि, यह सिर्फ दो दिन के क्रूड के ग्लोबल डिमांड के बराबर है, लेकिन इसका प्राइस पर काफी असर पड़ेगा। पिछले छह महीने में तीसरी बार अमेरिका अपने रिजर्व से ऑयल रिलीज करने जा रहा है। हालांकि, वह पिछले 50 साल में संभवत: पहली बार इतना ज्यादा क्रूड रिलीज करेगा।


आईईए के सदस्य देश भी रिजर्व से ऑयल कर सकते हैं रिलीज

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के सदस्य देश भी रिजर्व से ऑयल रिलीज करने के बारे में शुक्रवार को बैठक में फैसला लेंगे। अगर आईईए के सदस्य देशों में इस बारे में सहमति बन जाती है तो क्रूड की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। इस महीने की शुरुआत में क्रूड की कीमतें 14 साल की ऊंचाई पर पहुंच गई थीं।

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आईईए के सदस्य देश शुक्रवार को ले सकते हैं फैसला

न्यूजीलैंड के एनर्जी मिनिस्टर की प्रवक्ता ने कहा, "अभी आईईए के सदस्य देश अपने रिजर्व से कुल कितना ऑयल रिलीज करेंगे, इस पर फैसला नहीं हुआ है। इस बारे में शुक्रवार को होने वाली मीटिंग में फैसला होगा। फिर हर देश के लिए वॉल्यूम तय कर दिया जाएगा।" यूक्रेन पर हमले का असर क्रूड की सप्लाई पर पड़ा है।

1 अप्रैल से क्रूड की सप्लाई में बड़ी कमी आने की आशंका

रूस दुनिया में क्रूड का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। टोटल सप्लाई में इसकी करीब 14 फीसदी हिस्सेदारी है। आईईएए ने कहा है कि प्रतिबंध और रूस से क्रूड खरीदने में दिलचस्पी नहीं होने की वजह से 1 अप्रैल से सप्लाई में रोजाना 30 लाक बैरल की कमी आ सकती है। रूस करीब 40 से 50 लाख बैरल क्रूड की सप्लाई करता है।

अमेरिका के रिजर्व में 56 करोड़ बैरल ऑयल है

अभी अमेरिका के रिजर्व में 56.8 करोड़ बैरल क्रूड है। यह मई 2002 के बाद सबसे कम स्टॉक है। आईईए अमेरिका को पेट्रोलियम का एक्सपोर्टर मानता है। गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका के रिजर्व से ऑयल रिलीज करने से ऑयल की सप्लाई रोजाना 10 लाख बैरल बढ़ जाएगी। अमेरिका करीब छह महीने तक ऑयल रिलीज कर सकता है।

इंडिया को हो सकता है बड़ा फायदा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका के अपने रिजर्व से ऑयल रिलीज करने का फायदा इंडिया को होगा। इसकी वजह यह है कि इंडिया अपनी 85 फीसदी क्रूड की जरूरत आयात से पूरा करता है। अभी ग्लोबल मार्केट में क्रूड का प्राइस ज्यादा होने से इंडिया का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा। करीब तीन महीने तक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने इंडिया में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए थे। पिछले 10 दिन में 9 दिन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई हैं।

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