Rice Price Fall: इंटरनेशनल मार्केट में चावल के दाम गिरे। चावल के दाम 2 महीने के निचले स्तरों के करीब पहुंचे। चावल का भाव 13/cwt डॉलर के नीचे फिसला है। 13 मई 2025 के बाद निचले स्तरों पर दाम पहुंचा है। बाजार में सप्लाई बढ़ने से कीमतों में गिरावट आई। भारत में अच्छे मॉनसून से बुआई बढ़ने की उम्मीद है। बाजार को 146 मिलियन टन उत्पादन की उम्मीद है। 5.2 मिलियन टन एथेनॉल डायवर्जन की उम्मीद है।
इंटरनेशनल मार्केट में चावल की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में कीमतों में 1 फीसदी का उछाल आया है जबकि 1 महीने में यह 8 फीसदी टूटा। वही जनवरी 2025 से अब तक चावल के दाम में 10 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। वहीं 1 साल में 17 फीसदी की गिरावट रही।
Basmati Millers & Exporters Associaion Punjab के वीपी रणजीत सिंह जोसान (Rannjit Singh Jossan) ने कहा कि भारत ने जब राइस एक्सपोर्ट बैन किया था उस समय अफ्रीकन देशों और मिडिल ईस्ट के लिए बहुत ज्यादा चावल का एक्सपोर्ट हुआ था। वह बैकलॉक अभी भी हम तोड़ नहीं पा रहे है। क्योंकि बैन के कारण साउथ अफ्रीका ने जरुरत से ज्यादा इंपोर्ट किया। सऊदी ने भी बड़ी मात्रा में इंपोर्ट किया है। यहीं कारण है कि इंपोर्टिंग देशों से मांग ने आने से चावल के दाम गिर रहे हैं।