Rubber Prices: 1 सालों की ऊंचाई पर पहुंचा रबर का भाव, एक्सपर्ट को यहां से 5% और उछाल की उम्मीद

Rubber Prices: इंटरनेशनल मार्केट में रबर की कीमतों में तेजी आई। रबर करीब 1 सालों की ऊंचाई पर भाव पहुंचा। रबर का भाव $191 सेंट/किलो के पार निकले है। बता दें कि कच्चे तेल में कीमतों में तेजी से सपोर्ट मिल रहा

अपडेटेड Feb 12, 2026 पर 3:02 PM
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Rubber Prices: भारतीय बाजार में रबर के प्रोडक्शन और कंज्मशन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में प्रोडक्शन कम है लेकिन डिमांड पीक अप हो रहा है।

 Rubber Prices: इंटरनेशनल मार्केट में रबर की कीमतों में तेजी आई। रबर करीब 1 सालों की ऊंचाई पर भाव पहुंचा। रबर का भाव $191 सेंट/किलो के पार निकले है। बता दें कि कच्चे तेल में कीमतों में तेजी से सपोर्ट मिल रहा। क्रूड महंगा होने से सिंथेटिक रबर महंगा हुआ। फायदा नेचुरल रबर को भी मिल रहा है।

तेल की बढ़ती कीमतों ने सिंथेटिक विकल्पों को कम आकर्षक बना दिया है, जिससे रबर की मांग में कुछ हद तक सुधार हुआ है।

साउथ-ईस्ट एशिया में रबर की सप्लाई कम हुआ। थाईलैंड को छोड़ ज्यादातर देशों में टैपिंग खत्म हुआ। फरवरी से मई तक रबर सीजन रहता है । जनवरी के आखिर में थोड़ी बहुत टैपिंग होती है। चीन में लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों से टायर फैक्ट्रियां बंद हुई।


रबर की कीमतें 1 हफ्ते में 2 फीसदी चढ़ी है जबकि 1 महीने में इसमें 4 फीसदी चढ़ा। जनवरी 2026 में अब तक रबर ने 6 फीसदी की बढ़त दिखाई है। वहीं 1 साल में इसमें 4 फीसदी की गिरावट आई है।

एक्यूमेन कैपिटल के अक्षय अग्रवाल ने कहा कि रबर की कीमतों में तेजी डिमांड और सप्लाई का इक्वेशन ही है। अक्टूबर-नवंबर-दिसंबर में रबर का प्रोडक्शन 10-15 फीसदी कम था लेकिन डिमांड उतना ही है। चीन में लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के बाद जब बाजार खुलेगा तो फिर कीमतों में तेजी दिखाई देगी। रबर का भाव फिलहाल 212 डॉलर सेंट प्रति किलो है। हमें उम्मीद है कि कीमतों में मौजूदा स्तर से 5 फीसदी का उछाल संभव है। जिसका मतलब 230 डॉलर सेंट प्रति किलो तक भाव पहुंच सकते है।

भारतीय बाजार में रबर के प्रोडक्शन और कंज्मशन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में प्रोडक्शन कम है लेकिन डिमांड पीक अप हो रहा है। अगर इंटरनेशनल मार्केट में कीमतों में उछाल आता है तो भारत में कीमतें और ऊपर जाएगी। क्योंकि सप्लाई भारत में ज्यादा है। प्रोडक्शन कम होने के कारण इंपोर्ट में भी उछाल संभव है।उन्होंने आगे कहा कि कीमतों में एक बार उछाल के बाद कीमतें आगे स्थिर हो सकती है।

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