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रूस ने मार्च में भारत को की 16.4 लाख बीपीडी कच्चे तेल की आपूर्ति, टॉप सप्लायर की पोजीशन रखी बरकरार

Russian oil:फरवरी 2022 में मास्को द्वारा यूक्रेन में सेना भेजने के बाद से रूस भारत के लिए कच्चे तेल का एक प्रमुख स्रोत बन गया है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ने के बाद मास्को पर यूरोपीय संघ और अमेरिका की तरफ कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। उसके बाद से ये यूरेशियन देश अपने तेल को रियायती दरों पर एशियाई देशों विशेष रूप से भारत और चीन को बेच रहा है। मार्च 2023 के 1.64 मिलियन बीपीडी की तुलना में रूस ने पिछले साल इसी अवधि में भारत को केवल 68600 बीपीडी कच्चे तेल की आपूर्ति की थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 07, 2023 पर 7:16 PM
रूस ने मार्च में भारत को की 16.4 लाख बीपीडी कच्चे तेल की आपूर्ति, टॉप सप्लायर की पोजीशन रखी बरकरार
अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें भारत की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि देश कच्चे तेल का शुद्ध आयातक है

Russian oil: एनर्जी ट्रैकर वोर्टेक्सा ( Vortexa) कि एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने मार्च में रूस से अपनी कच्चे तेल की जरूरत का अधिकांश हिस्सा पूरा किया। इस महीने के दौरान, रूस ने सऊदी अरब और इराक जैसे भारत के पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं को पीछे छोड़ते हुए भारत को 1.64 मिलियन बैरल प्रति दिन (बीपीडी) कच्चे तेल की आपूर्ति की। हालांकि, भारत के आयात बास्केट में रूसी कच्चे तेल की हिस्सेदारी पिछले महीने की तुलना में थोड़ी कम हुई है।

रूस अक्टूबर 2022 से भारत को कच्चे तेल का शीर्ष आपूर्तिकर्ता 

भारत ने फरवरी अपने कच्चे तेल की जरूरत का 35 फीसदी हिस्सा रूस से आयात किया था जो मार्च में थोड़ा कम होकर 33.9 फीसदी रह गया। बता दें कि रूस अक्टूबर 2022 से भारत को कच्चे तेल का शीर्ष आपूर्तिकर्ता है। मार्च 2023 में सऊदी अरब ने भारत को 986288 बीपीडी कच्चे तेल की आपूर्ति की। जबकि इराक ने इसी अवधि में भारत को 821952 बीपीडी कच्चे तेल की आपूर्ति की।

प्रतिबंधों के बाद रूस एशियाई देशों को बेच रहा तेल 

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