सऊदी अरब ने क्रू़ड ऑयल के प्रॉडक्शन में कटौती को एक महीने और बढ़ाने का फैसला किया है। उसका कहना है कि जरूरत पड़ने पर इसे और समय के लिए बढ़ाया जा सकता है। ओपेक देशों का मुखिया सऊदी अरब अब सितंबर तक 10 लाख बैरल रोजाना तेल की कटौती जारी रखेगा। सऊदी अरब ने पिछले महीने तेल में कटौती की शुरुआत की थी। सऊदी प्रेस एजेंसी की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, फिलहाल तेल का उत्पादन 90 लाख बैरल रोजाना होगा, जो पिछले कुछ साल में सबसे कम है। इस खबर से क्रूड फ्यूचर्स में उछाल है।
ब्रेंट क्रूड प्राइस 1.39 पर्सेंट यानी 1.16 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी के साथ 84.36 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.62 पर्सेंट यानी 1.29 डॉलर के उछाल के साथ 80.78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका है। शुक्रवार यानी 4 अगस्त को सऊदी अरब और रूस ओपेक प्लस देशों की ऑनलाइन बैठक करेंगे जिसमें बाजार के हालात की समीक्षा की जाएगी।
सऊदी अरब द्वारा क्रूड ऑयल के प्रॉडक्शन में कटौती के फैसले का असर भारत पर व्यापक रूप से पड़ सकता है। रूस सस्ती कीमतों पर क्रूड ऑयल बेचने में बड़े पैमाने पर कटौती कर रहा है। ऐसे में भारत को फिर से उन देशों के साथ क्रूड ऑयल खरीदना पड़ेगा जिनसे वह पहले खरीदता था। इसमें सऊदी अरब प्रमुख देश है। सऊदी अरब के इस फैसले से क्रूड ऑयल में तेजी की संभावना जताई जा रही है और भारत के लिए क्रूड ऑयल का इंपोर्ट महंगा हो सकता है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी के बाद सस्ते पेट्रोल डीजल की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। क्रूड ऑयल की कीमत घटकर 75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी, जबकि अब यह फिर से करीब 85 डॉलर प्रति बैरल हो चुकी है।