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Spices in India: लाल मिर्च-धनिये पर चढ़ा तेजी का रंग, कम आवक ने बढ़ाए मसालों के दाम, जानें आगे और कितनी तेजी संभव

Spices in India: वेस्ट एशिया संकट के बीच मसालों की कीमतों में तेजी देखने को मिली। कम आवक ने मसालों के दाम बढ़ाए। मिर्च की आवक पिछले साल से 50% कम हुई। भारत लाल मिर्च का सबसे बड़ा उत्पादक है। धनिये की आवक 1.70 करोड़ बोरी रहने की उम्मीद है

Sujata Yadavअपडेटेड May 14, 2026 पर 4:43 PM
Spices in India: लाल मिर्च-धनिये पर चढ़ा तेजी का रंग, कम आवक ने बढ़ाए मसालों के दाम, जानें आगे और कितनी तेजी संभव
धनिया ट्रेडर किरीट ने कहा कि 2024-25 में धनिया का 70 लाख बोरी का फॉरवर्ड स्टॉक था। 2025-26 में धनिया की 1.10 करोड़ बोरियों की आवक हुई

Spices in India: वेस्ट एशिया संकट के बीच मसालों की कीमतों में तेजी देखने को मिली। कम आवक ने मसालों के दाम बढ़ाए। मिर्च की आवक पिछले साल से 50% कम हुई। भारत लाल मिर्च का सबसे बड़ा उत्पादक है। धनिये की आवक 1.70 करोड़ बोरी रहने की उम्मीद है। मखाना ₹800-1400 के दायरे में बिक रहा है। किशमिश की कीमतों में 10% बढ़ोतरी की उम्मीद है।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, इस संकट से पश्चिम एशिया को होने वाला भारत का करीब 11.8 बिलियन डॉलर का कृषि और मसाला निर्यात जोखिम में पड़ गया है। ऐसे में आगे मसालों की कीमतें कैसी रह सकती है आइए  जानते है क्या कहते है बाजार जानकार।

अगस्त-सितंबर तक भाव और चढ़ सकते

APMC वाशी के वीपी अशोक दतानी का कहना है कि पिछले साल से ट्रेड 50% कम हो गया है। सरकार की नीतियों का भी कारोबार पर असर पड़ा। ।सरकार बिचौलियों को हटाना चाहती है। बड़ी कंपनियों को ट्रेड लाइसेंस मिल रहा है। कंपनियां सीधे किसानों से खरीद कर रही हैं। छोटे कारोबारी कंपनियों से मुकाबला नहीं कर सकते है। इंडस्ट्री ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं।

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