Sugar News:अच्छे स्टॉक और अच्छी पैदावार की उम्मीद से 5 साल निचले स्तर पर शुगर का भाव पहुंच चुका है। यानी देश में चीनी ज्यादा है। चीनी के भाव 2020 के स्तर से लुढ़का। दरअसल, शुगर उत्पादक सरकार से निर्यात की इजाजत देने की गुहार कर रहे हैं। निर्यात बढ़ने से घरेलू स्टॉक का दबाव कम होगा। इस बार अच्छे मॉनसून के चलते भारत में चीनी उत्पादन बढ़ने की संभावना है।
सप्लाई बढ़ने से आने वाले दिनों में शुगर की कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है। वहीं ग्लोबल बाजार में भी चीनी के भाव पर दबाव देखा जा रहा है। कम कीमतों के चलते ग्लोबल मार्केट में भी कंपटीशन बढ़ गया है। इस बार घरेलू चीनी उद्योग के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
किसानों, चीनी मिलों और सप्लायरों पर गिरते भाव का दबाव दिख सकता है।
इस बीच इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतों में भारी गिरावट आई। चीनी का भाव साढ़े चार साल के निचले स्तरों पर पहुंचा। मार्च 2021 के बाद भाव सबसे कम हुए। चीनी के भाव 15 सेंट प्रति पाउंड के करीब पहुंचे।
बाजार में सप्लाई बढ़ने से कीमतों में दबाव बढ़ा है। ब्राजील में चीनी का उत्पादन 11% बढ़ा है। सितंबर तक 3.14 मिलियन टन का उत्पादन देखने को मिला। बाजार को 43.2 मिलियन टन उत्पादन की उम्मीद है। भारत, थाईलैंड में भी उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।
इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में चीनी के दाम में 4 फीसदी गिरा है। वहीं 1 महीने में 3 फीसदी टूटा। जनवरी 2025 से अब तक चीनी के भाव 22 फीसदी टूटा है। वहीं 1 साल में चीनी की कीमतों में 32 फीसदी लुढ़का है।