देश में चीनी का उत्पादन 16% बढ़ने की उम्मीद है। भारतीय चीनी एवं बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने 2025-26 शुगर सीज़न के लिए चीनी उत्पादन के अपने पहले अग्रिम अनुमान जारी किए हैं। इस्मा ने अनुमान लगाया है कि इस सीज़न में एथेनॉल डायवर्जन से पहले सकल चीनी उत्पादन 343.5 लाख टन तक पहुंच सकता है, जो पिछले वर्ष के 296.1 लाख टन की तुलना में लगभग 16% अधिक है।
इस्मा ने बताया कि महाराष्ट्र में गन्ने की पैदावार बढ़ने से उत्पादन 93.51 लाख टन से उछलकर 130 लाख टन तक पहुंच सकता है। गन्ने का कुल रकबा भी थोड़ा बढ़ा है- 2025-26 में 57.35 लाख हेक्टेयर, जबकि पिछले साल यह 57.11 लाख हेक्टेयर था।
इस्मा के बयान के अनुसार, एथेनॉल उत्पादन के लिए 34 लाख टन चीनी अलग करने के बाद शुद्ध चीनी उत्पादन 309.5 लाख टन रहने की उम्मीद है। पिछले वर्ष शुद्ध उत्पादन 261.08 लाख टन रहा था। जबकि एथनॉल के लिए पिछले सीजन में 35 लाख टन चीनी का इस्तेमाल किया गया था।
एथेनॉल उत्पादन के लिए अनुमानित 34 लाख टन चीनी डायवर्ट करने के बाद, 2025-26 में नेट चीनी उत्पादन 309.5 लाख टन रहने की उम्मीद है। 50 लाख टन के ओपनिंग स्टॉक और 285 लाख टन घरेलू खपत के साथ, सितंबर 2026 के अंत में क्लोजिंग स्टॉक लगभग 74.5 लाख टन अनुमानित है, जो पर्याप्त उपलब्धता को दर्शाता है।
AISTA चेयरमैन प्रफुल्ल विठलानी ने कहा कि जनवरी में AISTA अपने आंकड़े जारी करेगी। 360 लाख मिट्रिक टन चीनी उत्पान की उम्मीद है। 35 लाख टन एथेनॉल के लिए डायवर्जन रहने की उम्मीद है। घरेलू खपत के लिए 325 लाख टन चीनी मौजूद रहेगी।
उन्होने आगे कहा कि गन्ने के बने एथेनॉल के दाम नहीं बढ़ रहे है। एथेनॉल डायवर्जन न बढ़ने से इंडस्ट्रीज परेशान है। AISTA की चीनी और सी- मोलासिस के एक्सपोर्ट की मांग की।