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US-Iran War Impact: 4 साल के हाई पर पहुंचा कच्चे तेल का भाव, फिलहाल नहीं होने वाला सस्ता

US-Iran War Impact: इस सप्ताह ब्रेंट में लगभग 8.8% की बढ़ोतरी हुई, वहीं WTI लगभग 0.4% नीचे आया। ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के मंद पड़ने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। तेल बाजार अब इस बात का अनुमान लगाने लगा है कि हमलों के बाद तेल की आपूर्ति में कटौती लंबे समय तक जारी रह सकती है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 21, 2026 पर 9:56 AM
US-Iran War Impact: 4 साल के हाई पर पहुंचा कच्चे तेल का भाव, फिलहाल नहीं होने वाला सस्ता
शुक्रवार को मई के लिए डिलीवरी वाला ब्रेंट वायदा 3.54 डॉलर या 3.26% बढ़कर 112.19 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

शुक्रवार को तेल की कीमतें उछलकर लगभग 4 सालों के सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुईं। इसकी वजह है कि इराक ने विदेशी तेल कंपनियों द्वारा विकसित सभी तेल क्षेत्रों पर 'फोर्स मेज्योर' (अपरिहार्य स्थिति) घोषित कर दिया। इजरायल-अमेरिका और ईरान बीच युद्ध और तेज हो गया। अमेरिका ने मध्य पूर्व में हजारों अतिरिक्त नाविकों और नौसैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर ली है।

रॉयटर्स के मुताबिक, शुक्रवार को मई के लिए डिलीवरी वाला ब्रेंट वायदा 3.54 डॉलर या 3.26% बढ़कर 112.19 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। यह जुलाई 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। अप्रैल में डिलीवरी वाला यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल का वायदा भाव 2.18 डॉलर या 2.27% बढ़कर 98.32 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के मंद पड़ने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। ईरान में प्रमुख एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले हो रहे हैं। बदले में ईरान अपने पड़ोसियों जैसे कि सऊदी अरब, कतर और कुवैत पर हमले कर रहा है। जंग गहराने से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति फिर से शुरू होने की उम्मीदें खत्म हो रही हैं। ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से होने वाले यातायात को रोक दिया है। आमतौर पर पूरी दुनिया को सप्लाई होने वाले कच्चे तेल का 5वां हिस्सा इसी जलमार्ग से होते हुए दुनिया भर के ग्राहकों तक पहुंचता है।

लंबे समय तक जारी रह सकती है तेल की आपूर्ति में कटौती

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