केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने टेक्सटाइल प्रमुख एस कुमार्स नेशनवाइड के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी पर FIR दर्ज की है। आरोप है कि कंपनी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से 160 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी की है। PTI ने बताया कि जांच एजेंसी ने लैंडर की एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी और उसके प्रमोटर और डायरेक्टर, जिनमें MD नितिन कासलीवाल और डायरेक्टर विजय गोवर्धनदास कलंत्री, अनिल कुमार चन्ना, राजिंदर कृष्ण गर्ग और जगदीश संजीव रेड्डी धोखाधड़ी के लेनदेन में लिप्त, जिससे बैंक को नुकसान हुआ।
CBI की FIR में आरोप लगाया गया है, "उक्त उधार लेने वाली कंपनी और उसके निदेशकों ने बैंक को ₹160.68 करोड़ का गलत तरीके से नुकसान पहुंचाया और 2013-2018 के दौरान खुद को भी गलत तरीके से लाभ पहुंचाया।"
इसमें कहा गया है कि मामले में आरोपी डायरेक्टर्स ने कई संज्ञेय (Cognisable) और गैर-संज्ञेय (Non-Cognisable) अपराधों को अंजाम देने के लिए बैंक को धोखा देने के लिए एक दूसरे और अज्ञात अधिकारियों के साथ मिलीभगत की और साजिश रची।
कपड़ा प्रमुख ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से कई क्रेडिट फैसिलिटी का लाभ उठाया था, जो 2013 में नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) में बदल गया। बाद में KPMG द्वारा फोरेंसिक ऑडिट के बाद अकाउंट को 2020 में "फ्रॉड" घोषित किया गया था।
PTI की रिपोर्ट में कहा गया है कि फोरेंसिक ऑडिट में दो संभावित रूप से जुड़े ग्राहकों और गैर-ऑपरेटिंग संस्थाओं के साथ तीन-चौथाई से ज्यादा के लेनदेन को लेकर भी चेतावनी दी गई।