इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC)का शेयर 19 अक्टूबर को 6,396.30 रुपए का रिकॉर्ड हाई लगाने के बाद सिर्फ दो कारोबारी सत्रों में 32 फीसदी टूट गया है। कंपनी अपने सेगमेंट में एकाधिकार रखने वाली कंपनी है। IRCTC एक अकेली ऐसी कंपनी है जिसको भारतीय रेल ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के अंदर कैटरिंग सर्विसेज, ऑनलाइन टिकटिंग, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर सप्लाई का एकाधिकार दे रखा है।
वैक्सीनेशन की गति में आई तेजी, कोरोना के मामलों में गिरावट और देश के पूरी तरह ऑनलॉक की तरफ बढ़ने के साथ ही पिछले 4 महीनों में इस शेयर में 218 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। बुधवार के कारोबार में IRCTC में इंट्राडे में 18.5 फीसदी का गिरावट देखने को मिली। वहीं, मंगलवार को इसमें रिकॉर्ड हाई से 16.2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपए का स्तर छूता नजर आया था।
IRCTC में दिख रहा टेक्निकल करेक्शन
एक्सर्ट्स का कहना है कि इस स्टॉक के फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत बनें हुए हैं। एस स्टॉक में आई गिरावट की वजह इसका ओवरवैल्यूड हो जाना रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए एक्सर्ट्स इस गिरावट को टेक्निकल करेक्शन कह रहे हैं। लंबी अवधि के निवेशकों को एक्सपर्ट्स की सलाह है कि घबराएं नहीं और लंबे नजरिए के साथ इस शेयर में बनें रहें।
Swastika Investmart के संतोष मीणा का कहना है कि इस स्टॉक के फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत बने हुए हैं। लेकिन लगातार तेजी के बाद इसका वैल्यूएशन काफी महंगा हो गया था। जिसके बाद इसमें करेक्शन देखने को मिला। ये स्टॉक में आया टेक्निकल करेक्शन है। 4,000-3,800 रुपए का जोन इस शेयर के लिए मजबूत डिमांड जोन होगा। यहां से हमें नई खरीदारी देखने को मिलेगी।
CapitalVia Global Researc की लिखिता छेपा का कहना है कि इकोनॉमी के सामान्य स्थिति में लौटने और अनलॉक से सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद में हाल के दिनों में IRCTC के शेयर आसमान छूते नजर आए। अब इस ट्रेंड में बड़ा रिवर्सल आया है जिसको देखते हुए अभी गिरावट में खऱीद या वर्तमान लेवल पर एक्युमुलेट करने की भी हमारी सिफारिश नहीं है। चूंकि कंपनी अपने सेगमेंट में एकाधिकार रखती है और इसका लॉन्गटर्म आउटलुक मजबूत है इसलिए जिनके पास ये शेयर है वो इसमें बनें रहें, घबराहट में आकर बिकवाली न करें।
म्यूचुअल फंडों ने घटाई हिस्सेदारी
म्यूचुअल फंडों ने IRCTC में अपनी हिस्सेदारी जून 2021 तिमाही के 7.28 फीसदी से घटाकर सितंबर तिमाही में 4.78 फीसदी कर दी है। कंपनी के सितंबर तिमाही के शेयर होल्डिंग पैटर्न में Nippon Life India Trustee और Aditya Birla Sun Life Trustee के नाम नहीं हैं।
फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशकों ने भी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी जून 2021 तिमाही के 7.82 फीसदी से घटाकर सितंबर तिमाही में 8.07 फीसदी कर दी है। लेकिन इसी अवधि में कंपनी में LIC ने अपनी हिस्सेदारी 1.9 फीसदी से बढ़ाकर 2.11 फीसदी कर दी है। इस अवधि में 2 लाख रुपए से कम की होल्डिंग रखने वाले व्यक्तिगत निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी 11.26 फीसदी से बढ़ाकर 14.17 फीसदी कर दी है। लेकिन हाई नेटवर्थ निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी 0.22 फीसदी से घटा कर 0.14 कर दी है।
पूरे ब्रॉडर मार्केट में बिकवाली का दबाव
वास्तव में अब तक भारी तेजी दिखा चुके पूरे मिड और स्मॉल कैप स्पेस में व्यापक बिकवाली देखने को मिल रही है। पिछले दो महीनों में BSE Midcap और Smallcap में 19 और 17 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इसके बाद करेक्शन आना स्वाभाविक था और कल हमें इसी करेक्शन की शुरुआत दिखी। सिर्फ दो कारोबारी सत्रों में ही BSE Midcap और Smallcap में 3.3 और 3.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
Motilal Oswal Financial Services की स्नेहा पोद्दार का कहना है कि midcaps और smallcaps की जोरदार रैली के बाद शेयरों के वैल्यूशन अस्वाभाविक रूप से महंगे हो गए थे जिसके चलते हमें ये मुनाफा वसूली देखने को मिली है। अगर हम कुछ बहुत ही महंगे नामों को छोड़ दें तो ये करेक्शन हमें अच्छे शेयरों को खरीदने का मौका दे रहा है। कोविड के चलते लागू प्रतिबंधों में आती ढ़ील, आर्थिक गतिविधियों में आ रही तेजी, त्योहारी मौसम के जोश और मांग में आ रही तेजी के चलते आगे के लिए मार्केट का आउटलुक अच्छा नजर आ रहा है।