एस्सार स्टील का कंट्रोल दोबारा हासिल करने की रुइया फैमिली की कोशिश के बाद डिफॉल्ट करने वाली एक अन्य कंपनी के प्रमोटर्स ने बैंकों को कंपनी के खिलाफ बैंकरप्सी की प्रोसीडिंग वापस लेने के बदले बकाया रकम चुकाने का ऑफर दिया है। हाल ही में दीवान हाउसिंग फाइनेंस के पूर्व प्रमोटर कपिल वधावन ने भी इसी तरह का ऑफर दिया था।
गौड़ ने Jaypee Infratech के इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP), अनुज जैन को लिखे पत्र में बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस की पूरी बकाया रकम 9,783 करोड़ रुपये की एकमुश्त पेमेंट, लैंड स्वाप और लॉन्ग टर्म डिबेंचर्स के जरिए चुकाने का प्रपोजल दिया है।
होमबायर्स की ओर से गौड़ ने अपार्टमेंट्स के कंस्ट्रक्शन के लिए 1,650 करोड़ रुपये लगाने की जानकारी दी है। इसमें से 400 करोड़ रुपये तुरंत खर्च किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि होमबायर्स को कुछ अतिरिक्त फायदे भी मिलेंगे।
गौड़ ने पत्र में कहा है, "मैं यह दोहराना चाहता हूं कि अपने प्रपोजल पर हम कायम हैं जो सभी स्टेकहोल्डर्स की पूरी बकाया रकम को चुकाने की पेशकश करता है। हालांकि, अगर किसी फाइनेंशियल क्रेडिटर को लगता है कि उसे किसी तरह का नुकसान उठाना पड़ेगा तो हम यह वादा करते हैं कि ऐसी किसी कमी की भरपाई ऑफर को स्वीकार करने के पांच वर्षों के अंदर कंपनी के बिजनेस से की जाएगी।"
उन्होंने कहा कि यह प्रपोजल सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले पर आधारित है जो बैंकरप्ट कंपनियों के पर्सनल गारंटर्स के बारे में था।
हालांकि, गौड़ ने यह दावा किया है कि इस फैसले से Jaypee Infratech के प्रमोटर्स को किसी रिजॉल्यूशन प्लान का विरोध करने का एक कानूनी अधिकार भी मिलता है।