टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया ने 4 अगस्त को बताया कि कुमार मंगलम बिड़ला ने नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन का पद छोड़ दिया है। यह फैसला 4 अगस्त 2021 से ही लागू हो गया है।
टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया ने 4 अगस्त को बताया कि कुमार मंगलम बिड़ला ने नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन का पद छोड़ दिया है। यह फैसला 4 अगस्त 2021 से ही लागू हो गया है।
Vodafone -Idea के बोर्ड मेंबर्स ने एक बैठक में बिड़ला का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। बोर्ड ने सर्व सम्मति से मौजूदा नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु कपानिया को कंपनी का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त कर दिया है।
पिछले महीने आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने भारत सरकार को लेटर लिखकर कहा था कि वह Vodafone-Idea में अपनी हिस्सेदारी सरकार को देना चाहते हैं। इसके बाद 3 अगस्त को वोडाफोन-आइडिया के शेयर 12 फीसदी से ज्यादा टूटे। जबकि 4 अगस्त को वोडाफोन-आइडिया के शेयर 18.92 फीसदी गिरकर 6 रुपए पर बंद हुए हैं।
कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा को लिखे लेटर में कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा था कि इनवेस्टर अब कंपनी में पैसा लगाना नहीं चाहते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि AGR के बकाया रकम पर उन्हें कुछ साफ-साफ पता नहीं चल पा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वोडाफोन-आइडिया पर 58,254 करोड़ रुपए का AGR बकाया है। इनमें से कंपनी ने 7854.37 करोड़ रुपए चुका दिया है। जबकि 50,399.63 करोड़ रुपए अभी चुकाना बाकी है। जबकि कंपनी का कहना है कि उसके कैलकुलेशन के हिसाब से सिर्फ 21,533 करोड़ रुपए का बकाया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई को एक फैसले में इस बात से इनकार कर दिया कि कंपनियों के AGR बकाए का कैलकुलेशन दोबारा नहीं होगा।
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