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एक युवा इंजीनियर से Microsoft का चेयरमैन बनने तक सत्या नडेला के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी

नडेला ने माइक्रोसॉफ्ट के बिजनेस को तेजी से बढ़ाने और इसे नए सेगमेंट में ले जाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
अपडेटेड Jun 18, 2021 पर 16:19  |  स्रोत : Moneycontrol.com

दुनिया की टॉप सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल Microsoft का नया चेयरमैन सत्या नडेला को बनाया गया है। उनका जन्म हैदराबाद में अगस्त 1967 में हुआ था। नडेला ने 1988 में इलेक्ट्रकिल इंजीनिर के तौर पर कर्नाटक के मनिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएशन करने के बाद 1990 में अमेरिका की विन्कोनिसन यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स डिग्री ली थी। उनके करियर की शुरुआत 1990 में सन माइक्रोसिस्टम्स से हुई थी।


1992 में नडेला माइक्रोसॉफ्ट से इंजीनियर के तौर पर जुड़े थे और वह उन चुनिंदा भारतीयों में से थे जिन्हें आठ वर्ष बाद एग्जिक्यूटिव पोजिशन में प्रमोट किया गया था। इसके बाद से उन्होंने कंपनी में कुछ महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई जिनमें सर्च इंजन Bing को मैनेज करना शामिल था।


माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड एंड एंटरप्राइज ग्रुप के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट के कार्यकाल के दौरान नडेला ने कंपनी की क्लाउड सर्विसेज को 20 अरब डॉलर के बिजनेस में बदला। उन्होंने अपनी किताब हिट रिफ्रेश में लिखा है, "मैंने 2008 से 2011 तक तीन वर्ष क्लाउड प्रेशर टेस्टिंग और इसके इंफ्रास्ट्रक्चर को सीखने में लगाए। वह एक्सपीरिएंस मेरे काम में तेजी लाने के लिए महत्वपूर्ण रहा।"


उन्होंने Amazon से मशीन लर्निंग एक्सपर्ट Joseph Sirosh को रिक्रूट किया। इससे स्टोर किए गए डेटा के एनालिसिस और उससे सीखने की कंपनी की कैपेसिटी बढ़ी।


नडेला को फरवरी 2014 में Steve Ballmer के स्थान पर कंपनी का CEO बनाया गया था। तब कप्यूटर सेल्स और विंडोज 8 ऑपरेटिंग सिस्टम की गति धीमी पड़ रही थी। इसे स्मार्टफोन कैटेगरी से कड़ी टक्कर मिल रही थी जिसमें एपल और गूगल का एंड्रॉयड आगे थे। इसके बाद नडेला ने विंडोज के लिए फंडिंग में कमी कर क्लाउड कंप्यूटिंग बिजनेस में निवेश बढ़ाया। इससे माइक्रोसॉफ्ट को गूगल क्लाउड की तुलना में मजबूत शुरुआत मिली और इसने Amazon Web Services को भी टक्कर दी।


ग्रोथ के रास्ते पर वापस आने के लिए कुछ कड़े निर्णय लेने की जरूरत थी। इनमें से एक नोकिया में 7.2 अरब डॉलर के इनवेस्टमेंट को राइट ऑफ करने का था क्योंकि कंपनी की स्मार्टफोन पार्टनरशिप नाकाम रही थी। इसमें लगभग 18,000 एंप्लॉयीज की नौकरी गई।


एक अन्य बड़ा बदलाव विंडोज डिविजन को Azure (क्लाउड) और ऑफिस में बांटने का था। उन्होंने सेल्स टीम को भी मजबूत बनाया जिससे Amazon की क्लाउड डिविजन का मुकाबला किया जा सके।


नडेला ने माइक्रोसॉफ्ट की संस्कृति में भी बदलाव किया ग्रोथ की सोच के साथ एंप्लॉयीज की मदद करने वाली लीडरशिप पर जोर दिया। उनकी अगुवाई में कंपनी ने कुछ बड़े एक्विजिशन भी किए। इनमें वीडियो गेम माइनक्राफ्ट को डिवेलप करने वाली Mojang का 2.5 अरब डॉलर और प्रोफेशनल नेटवर्क लिंक्डइन का 2016 में 26.2 अरब डॉलर में एक्विजिशन शामिल है। हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने Nuance को 19.7 अरब डॉलर में एक्वायर किया था।


नडेला की कोशिशें कंपनी का बिजनेस आगे बढ़ाने में सफल रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट अब 1.9 लाख करोड़ डॉलर के साथ एपल के बाद दुनिया की दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी है। नडेला की नेटवर्थ लगभग 68 करोड़ डॉलर होने का अनुमान है।


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