रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) श्रेई ग्रुप (SREI Group) की कंपनियों के खिलाफ NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल) पहुंच गया है। इस मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने यह बताया है। इससे पहले 7 अक्टूबर को बॉम्बे हाई कोर्ट ने SREI Group की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उसकी मांग थी कि RBI श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (SIFL) और श्रेई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (SEFL) के खिलाफ जो कार्रवाई कर रहा है उसे रोक दिया जाए। हालांकि यह जानकारी देने वाले सूत्रों ने अपना नाम जाहिर करने से इनकार कर दिया।
श्रेई ग्रुप के प्रमोटर्स आदिश्री कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (Adisri commercial private ltd) ने RBI के खिलाफ लिखित याचिका दायर आदेश को चुनौती दी और RBI के इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी।
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वह इसकी वजह बाद में बताएगा।
नाम जाहिर ना करने की शर्त पर सूत्र ने बताया, "कोर्ट के इस मामले की वजह बताने के बाद श्रेई ग्रुप यह फैसला लेगा कि आगे क्या होगा।"
RBI ने 4 अक्टूबर को यह ऐलान किया था कि उसने श्रेई इंफ्रा और श्रेई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स पर अपना कब्जा कर लिया है। RBI ने कहा कि गवर्नेंस की कमी के कारण यह फैसला किया गया है।