केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने 4 सितंबर को यस बैंक (Yes Bank) के संस्थापक राणा कपूर (Rana Kapoor) की पत्नी और बेटी को अंतरिम जमानत दे दी, जिन पर प्राइवेट लेंडर से जुड़े एक कथित धोखाधड़ी के संबंध में मामला दर्ज किया गया था। PTI ने बताया कि अदालत ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) से जुड़े मामले में राणा कपूर की पत्नी और बेटी बिंदू कपूर (Bindu kapoor) और राधा कपूर (Radha Kapoor) को जमानत दी है।
हाल ही में CBI की तरफ से दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उन्हें आरोपी बनाया गया था, लेकिन इस मामले में दोनों को कभी गिरफ्तार नहीं किया गया था। अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए आरोपी को तलब किया था और आज दोनों को अदालत में पेश किया गया।
इसके बाद उन्होंने विजय अग्रवाल और राहुल अग्रवाल की अपनी कानूनी टीम के जरिए जमानत याचिका दायर की और तर्क दिया कि उनकी गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है, क्योंकि CBI ने जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार किए बिना ही चार्ज शीट भी दायर की थी।
जब जांच एजेंसी ने याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, तो दोनों ने अंतरिम जमानत मांगी, जिसे स्पेशल जज एसयू वडगांवकर ने मंजूरी दे दी।
CBI के अनुसार, कपूर, जो एक संबंधित मामले में प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से गिरफ्तार किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में हैं, उनके परिवार को DHFL के डिबेंचर में यस बैंक के 3,700 करोड़ रुपए के निवेश के लिए रिश्वत मिली थी। CBI ने दावा किया है कि DHFL ने बदले में कपूर को उनकी पत्नी और बेटियों की एक फर्म को लोन के रूप में 600 करोड़ रुपए की रिश्वत दी।