Zee Entertainment Enterprises और उसके निवेशकों के बीच जारी लड़ाई ने शनिवार को एक नया मोड़ ले लिया। ZEE एंटरटेनमेंट अपनी सबसे बड़ी शेयरहोल्डर इनवेस्को और OFI ग्लोबल चाइना फंड के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गई है और उसनेइन दोनों निवेशकों की ओर से की गई EGM बुलाने की मांग को "गैरकानूनी और अमान्य" बताया। ZEE ने रेगुलेटर को भेजे एक डॉक्यूमेंट में यह जानकारी दी।
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को ZEE एंटरटेनमेंट के बोर्ड ने दोनों निवेशकों की मांग पर EGM बुलाने से इनकार कर दिया था। इनवेस्को और OFI ग्लोबल चाइना फंड ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पुनीत गोयनका सहित तीन डायरेक्टरों को निकालने, 6 नए डायरेक्टरों को नियुक्त और कुछ अन्य मांगों को लेकर एक्सट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाने की मांग की थी।
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हालांकि ZEE के बोर्ड ने शुक्रवार को इस मांग को अस्वीकार कर दिया और इसे "अवैध और अनुचित" बताया। ZEE के बोर्ड ने कहा, "सभी शेयरधारकों और हितधारकों सहित, व्यापक रूप से कंपनी के हित को देखते हुए, हम आपकी मांग पर EGM बुलाने में असमर्थता व्यक्त करते हैं।"
इससे एक दिन पहले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इनवेस्को की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि ZEE के बोर्ड को नियमों के तहत EGM बुलाने की मांग पर जरूर विचार करना चाहिए।
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बता दें कि इनवेस्को और OFI ग्लोबल चाइना फंड के पास Zee Entertainment की करीब 17.88 पर्सेंट हिस्सेदारी है। साथ ही इनवेस्को ZEE की सबसे बड़ी एकल शेयरहोल्डर है।