ज़ेरोधा ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म के को-फाउंडर और CEO नितिन कामत ने उन खबरों पर अपनी सफाई दी है, जिसमें ज़ेरोधा के फाउंडर्स की सालाना 100 करोड़ रुपए की सैलरी बताई गई थी। नितिन ने एक साथ कई ट्वीट किए। ज़ेरोधा के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने हाल ही में एक प्रपोजल पास किया, जिसमें को-फाउंडर नितिन और निखिल कामत और नितिन की पत्नी और कंपनी की होल टाइम डायरेक्टर सीमा पाटिल की सालाना 100 करोड़ रुपए की सैलरी को मंजूरी दी।
कामत ने सैलरी पैकेज को लेकर चल रही खबरों को "बेकार का शोर" बताया और कहा कि इस तरह की खबरें भ्रामक थी और कंपनी के फैसले का गलत मतलब निकाला जा रहा है।
कामत ने अपनी सैलरी पर सफाई देते हुए कहा है कि 100 करोड़ रुपए उनकी असल सैलरी नहीं है जो उनके अकाउंट में आती है बल्कि कंपनी का प्रमोटर नकदी की जरूरत होने या किसी तरह के जोखिम के दौरान मैक्सिमम 100 करोड़ रुपए की सैलरी ले सकता है।
कामत ने ट्वीट किया, "सबसे पहले रिपोर्ट किया गया आंकड़ा वास्तविक वेतन नहीं है। यह एक प्रस्ताव है, जिसमें नकदी की जरूरत पड़ने के मामले में काम करने वाले प्रमोटरों को इतनी संख्या तक वेतन लेने की अनुमति देता है। उम्मीद नहीं थी कि इस पर इतना ध्यान जाएगा।"
कामत ने कहा कि सच ये है कि जो सैलरी मिलेगी वो इस बताए गए आंकड़े से कम होगी, फिर भी ब्रोकरेज फर्मों से संबंधित "डी-रिस्किंग" के कारण ये मानदंड से ज्यादा होगा।
जोखिम के बारे में बताते हुए, कामथ ने कहा, "ब्रोकिंग जोखिम भरा है, क्योंकि ज्यादातर राजस्व सक्रिय व्यापारियों से लीवरेज पदों के साथ आता है, जो जोखिम उठाते हैं, एक गलत और छोटा कदम भी व्यापार को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।"
दरअसल Entrackr ने बताया था कि कंपनी के बोर्ड ने निखिल और नितिन कामत को 100 करोड़ रुपए तक की सालाना सैलरी को मंजूरी देते हुए एक विशेष प्रस्ताव पारित किया है। साथ ही इतना ही वेतन नितिन का पत्नि सीमा पाटिल का भी होगा, जो हाल ही में होल-टाइम डायरेक्टर बनीं है।
इस हिसाब से तीनों की बेसिक सैलरी 4.17 करोड़ रुपए प्रति माह होगी और साथ ही 4.17 करोड़ रुपए के इंसेंटिव और भत्ते होंगे, जिससे परिवार का वार्षिक वेतन कुल मिलाकर "300 करोड़ रुपए" हो जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि वे "भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले को-फाउंडर और डायरेक्टर" बन गए हैं।